संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने हाल‑ही में अपनी वीजा नीति में बड़ा बदलाव करते हुए सामान्य पासपोर्टधारक पाकिस्तानी नागरिकों को निरंतर (regular) वीजा जारी करना बंद कर दिया है। यह जानकारी पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी ने संसद की एक समिति को दी। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल केवल डिप्लोमैटिक और ब्लू पासपोर्ट धारकों को वीजा मिल रही है; आम नागरिकों के लिए टूरिस्ट, वर्क या विजिट वीजा लगभग बंद है।


इस कदम की पृष्ठभूमि में UAE की चिंताएं प्रमुख हैं। अधिकारियों का कहना है कि कुछ पाकिस्तानी वीजाधारकों द्वारा वहाँ अपराधिक गतिविधियों जैसे अवैध प्रवास, भीख‑ख़ोरी, नशीली दवाओं की तस्करी, फर्जी दस्तावेज, ओवरस्टे आदि, में लिप्त पाए जाने की घटनाओं ने सुरक्षा व सामाजिक व्यवस्था के लिहाज़ से खतरों को जन्म दिया है। जिससे UAE सरकार ने सामान्य वीजा जारी करने पर रोक लगाने का फैसला लिया है।

हालाँकि UAE की ओर से यह कहा गया है कि यह कोई औपचारिक पासपोर्ट बैन नहीं है। उनके कंसुलेट अधिकारियों ने कहा है कि वीजा‑प्रक्रियाएं जारी हैं और कुछ श्रेणियों के लिए अभी भी आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं; रिपोर्टों में वीजा आवेदन करने वालों की संख्या में अचानक वृद्धि होने का हवाला भी दिया गया है। हालांकि कई स्रोतों का कहना है कि आम नागरिकों के लिए वीजा स्वीकृति दर 80 प्रतिशत तक गिर चुकी है, जिससे यात्रा, रोजगार, कारोबार व पारिवारिक यात्राओं पर प्रतिकूल असर पड़ा है।


इस बदलाव का असर बेहद व्यापक है। UAE में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी प्रवासी काम करते या रहते हैं, वेतन भेजने, परिवारों से मिलने, व्यवसाय या रोजगार के उद्देश्य से वीजा लेते थे। अब वीजा निर्गमन बंद होने से कई यातायात, रोजगार और पारिवारिक योजनाएँ स्थगित या रद्द हो गई हैं, जिससे पाकिस्तान में उन लोगों की आर्थिक स्थिति और विदेश में काम की उम्मीदों पर असर पड़ा है।


दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार हार मानने को तैयार नहीं है दोनों देशों में कूटनीतिक स्तर पर वार्ता की जा रही है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कहा है कि यदि आगे कड़ा प्रतिबंध (जैसे पासपोर्ट बैन) लगाया गया, तो उसे वापस लेना मुश्किल होगा। उन्होंने विदेश मंत्रालय व UAE अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने और जल्द समाधान निकालने की गुहार लगाई है।


यह कदम केवल दो देशों के बीच कूटनीतिक विवाद नहीं; बल्कि उन लाखों लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगियों, रोजगार, परिवार और आर्थिक रिश्तों पर असर डालने वाला फैसला है जो UAE‑पाकिस्तान मार्ग पर निर्भर थे। इस निर्णय का असर दीर्घकालिक हो सकता है विशेषकर उन परिवारों और समुदायों पर जो आप्रवासन, काम और विदेश से रेमिटेंस पर आश्रित थे।


Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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