Piyush Goyal on India US trade deal : अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के बीच रूसी तेल खरीद को लेकर उठे सवालों पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार (8 फरवरी, 2026) को संतुलित और स्पष्ट रुख रखा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस शर्त के संदर्भ में—जिसमें रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ दोबारा लगाने की बात कही गई है—गोयल ने सीधे उत्तर देने से परहेज किया, लेकिन भारत की ऊर्जा रणनीति पर सरकार का दृष्टिकोण साफ किया।

न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए साक्षात्कार में पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका से कच्चे तेल के साथ-साथ एलएनजी और एलपीजी की खरीद भारत के रणनीतिक हितों के अनुरूप है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता ला रहा है ताकि आपूर्ति सुरक्षा मजबूत बनी रहे। रूसी तेल को लेकर अमेरिका द्वारा उठाए जा रहे मुद्दे पर गोयल ने दोहराया कि यह विषय विदेश मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।

ट्रेड डील पर सरकार का स्टैंड :

ट्रेड डील को लेकर पूछे गए सवालों पर केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि रूसी तेल या रक्षा जैसे मुद्दों पर द्विपक्षीय सहमति नहीं बनती, तो भी इससे व्यापार समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “ट्रेड डील यह तय नहीं करती कि कौन किससे क्या खरीदेगा। इसका उद्देश्य व्यापार को सुगम बनाना और प्राथमिकता के आधार पर बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करना होता है।”

गोयल ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की भूमिका समझाते हुए कहा कि इसका मूल उद्देश्य प्राथमिक पहुंच देना है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 18 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ मिलने से भारत को अन्य विकासशील देशों पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलती है—जो अक्सर भारतीय निर्यातकों के प्रतिद्वंद्वी होते हैं।

समापन में, गोयल के बयान यह संकेत देते हैं कि भारत ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हितों को अलग-अलग लेकिन संतुलित दृष्टिकोण से देख रहा है। अमेरिका के साथ ट्रेड डील को आगे बढ़ाने की मंशा स्पष्ट है, वहीं ऊर्जा आयात में विविधता लाकर दीर्घकालिक रणनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने पर भी जोर बना हुआ है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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