चीन से बड़े समझौते के बाद ट्रंप ने छोड़ा साउथ कोरिया का मंच!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के बुसान में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात कर कई अहम व्यापार समझौतों पर मुहर लगाई। पांच दिवसीय एशिया दौरा पूरा करने के बाद ट्रंप सियोल से स्वदेश रवाना हो गए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पांच दिवसीय एशिया दौरा गुरुवार को दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई अहम बैठक के बाद समाप्त हुआ। यह मुलाकात खास इसलिए रही क्योंकि ट्रंप और जिनपिंग की यह पहली आमने-सामने की बातचीत छह साल बाद हुई थी। बैठक के बाद ट्रंप एयर फोर्स वन से सियोल से रवाना हो गए और व्हाइट हाउस की ओर लौटने की तैयारी शुरू कर दी।
यह बैठक उस समय हुई जब अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ, तकनीकी नियंत्रण और दुर्लभ मृदा खनिजों के निर्यात प्रतिबंध जैसे मुद्दों पर तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस वार्ता में दोनों देशों के बीच बढ़ती व्यापारिक तनातनी को कम करने और नई निवेश एवं व्यापार साझेदारियों पर चर्चा हुई।
शी जिनपिंग के प्रतिनिधिमंडल में चीन के कई शीर्ष अधिकारी शामिल थे, जिनमें उप प्रधानमंत्री ही लिफेंग, विदेश मंत्री वांग यी, और वाणिज्य मंत्री वांग वेंटाओ के साथ-साथ राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग के प्रमुख और अन्य वरिष्ठ नीति निर्माता शामिल रहे।
ट्रंप ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि “अमेरिका और चीन के बीच आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खुल रहे हैं।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत के दौरान एनवीडिया के उन्नत ब्लैकवेल एआई चिप्स पर भी चर्चा हुई। हालांकि, उनके इस बयान ने वाशिंगटन में हलचल पैदा कर दी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सेमीकंडक्टर निर्यात नियंत्रण में ढील दी जाती है, तो चीन को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में बड़ी बढ़त मिल सकती है, जिससे अमेरिकी तकनीकी नेतृत्व पर असर पड़ सकता है।
विदेश नीति विशेषज्ञ रश दोशी, जो बाइडन प्रशासन के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का हिस्सा रह चुके हैं, ने कहा, “अगर अमेरिका ने निर्यात नियंत्रणों में ढील दी, तो यह वैसा ही कदम होगा जैसा बीजिंग ने दुर्लभ मृदा और मैग्नेट्स पर अपने नियंत्रण को सख्त करके किया था।”
इससे पहले 20 अक्टूबर को मलेशिया में हुई एक अहम बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति जताई थी। इस प्रस्तावित समझौते में टिकटॉक पर अंतिम निर्णय, चीन द्वारा अमेरिकी सोयाबीन की बड़ी खरीद, और रेयर अर्थ खनिजों पर एक वर्ष के लिए निर्यात नियंत्रण स्थगन शामिल है।
ट्रंप प्रशासन ने इस दौरे को “एशिया की उल्लेखनीय यात्रा” बताया है, जिसके दौरान अमेरिका ने अरबों डॉलर का निवेश आकर्षित किया, एक लंबे संघर्ष को खत्म किया, और चीन के साथ नई व्यापारिक समझ की शुरुआत की।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
