ट्रंप ने ईरान को दी 'सभ्यता के अंत' की चेतावनी; युद्धविराम का अल्टीमेटम
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर: ट्रंप ने दी 'सभ्यता के अंत' की धमकी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और युद्धविराम के अल्टीमेटम से वैश्विक तेल बाजार में मची खलबली।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और युद्धविराम की समय सीमा दी है, समझौता न होने पर बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की धमकी दी गई है।
Trump ultimatum to Iran ceasefire deal tonight : दुनिया की सांसें उस समय थम गईं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक का सबसे भीषण और विनाशकारी अल्टीमेटम जारी किया। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सीधे तौर पर चेतावनी दी कि यदि आज रात तक युद्धविराम समझौता नहीं होता है और ईरान कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से नहीं खोलता है, तो यह 'ईरानी सभ्यता का अंत' हो सकता है। ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक कूटनीति के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि समझौता न होने की स्थिति में अमेरिका ईरान के हर पुल और पावर प्लांट को पूरी तरह नष्ट कर देगा। ट्रंप ने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद के 47 वर्षों का हवाला देते हुए ईरान में पूर्ण सत्ता परिवर्तन की मांग की है और वहां 'बेहतर और समझदार' नेतृत्व की वकालत की है।
ईरान की ओर से इस अल्टीमेटम पर उतनी ही उग्र प्रतिक्रिया आई है, जिसने संघर्ष के और गहराने के संकेत दिए हैं। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने ट्रंप की धमकी को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पास 1.4 करोड़ ऐसे स्वयंसेवक तैयार हैं जो देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने को तत्पर हैं। इतना ही नहीं, ईरान के सरकारी मीडिया ने जनता से अपील की है कि वे देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और पावर प्लांट्स के चारों ओर 'मानवीय श्रृंखला' (Human Chain) बना लें ताकि किसी भी संभावित हवाई हमले को रोका जा सके। ईरान के इस कड़े रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है, जिससे सैन्य टकराव की आशंका अब अपने चरम पर पहुंच गई है।
इस घटनाक्रम का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तात्कालिक और गहरा प्रभाव देखने को मिल रहा है। आलोचकों और मानवाधिकार संगठनों ने ट्रंप के बयान को 'नरसंहार' (Genocidal) की श्रेणी में रखते हुए इसकी तीव्र निंदा की है। दूसरी ओर, खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका मात्र से वैश्विक तेल बाजारों में खलबली मच गई है और कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। दुनिया भर के देश और रणनीतिक विशेषज्ञ अब आने वाली रात को लेकर आशंकित हैं, क्योंकि ट्रंप द्वारा दी गई समय सीमा अब समाप्ति की ओर है। यदि कूटनीतिक प्रयासों से कोई बीच का रास्ता नहीं निकला, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति के लिए इसके परिणाम अत्यंत विनाशकारी हो सकते हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
