Strait of Hormuz blockade news : पाकिस्तान में आयोजित शांति वार्ता के विफल होते ही पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद आक्रामक कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की पूर्ण नाकाबंदी करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। ट्रंप के इस फैसले ने न केवल ईरान बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने स्पष्ट किया है कि सोमवार शाम से ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में आने-जाने वाले हर देश के जहाजों को रोक दिया जाएगा। वाशिंगटन का यह कदम ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने की दिशा में अब तक का सबसे कड़ा प्रहार माना जा रहा है।

इस सैन्य घेराबंदी के जवाब में ईरान ने सीधे युद्ध की धमकी देने के बजाय एक बेहद रहस्यमयी और मनोवैज्ञानिक रास्ता चुना है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के इस फैसले का उपहास उड़ाते हुए अमेरिकियों को 'गणित' के जरिए डराने की कोशिश की है। गालिबाफ ने व्हाइट हाउस के पास स्थित गैस स्टेशनों पर पेट्रोल की मौजूदा कीमतों की तस्वीरें साझा करते हुए चेतावनी दी कि अमेरिकी जनता को बहुत जल्द इन कीमतों की कमी खलेगी। उन्होंने एक जटिल गणितीय समीकरण 'ΔO_BSOH>0 ⇒ f(f(O))>f(O)' साझा किया, जो अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है। इस समीकरण के जरिए तेहरान ने संकेत दिया है कि यदि होर्मुज में नाकाबंदी का दबाव बढ़ा, तो तेल की कीमतों में सामान्य बढ़ोतरी नहीं, बल्कि एक ऐसा भयावह उछाल आएगा जिसे संभालना अमेरिका के बस में नहीं होगा।

रक्षा विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि गालिबाफ का यह 'गणित' वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आने वाले उस झटके की ओर इशारा करता है, जहां तेल की कमी से कीमतों में चक्रवृद्धि (Compound) वृद्धि होगी। ईरान का दावा है कि नाकाबंदी से होने वाली आपूर्ति की कमी बाजार में एक ऐसी प्रतिक्रिया शुरू करेगी, जिससे पेट्रोल की कीमतें वर्तमान स्तर से कई गुना बढ़ जाएंगी। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने रुख पर अडिग हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की ओर बढ़ने वाले हर यातायात पर कड़ी नजर रखेगी और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।


फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें होर्मुज की लहरों पर टिकी हैं। एक तरफ अमेरिका की सैन्य ताकत है, तो दूसरी तरफ ईरान की वह धमकी जो सीधे आम अमेरिकी नागरिक की जेब और वैश्विक बाजार पर प्रहार करती है। यह संघर्ष केवल दो देशों के बीच का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय त्रासदी का रूप ले सकता है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है। ट्रंप की नाकाबंदी और ईरान के पलटवार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिन वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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