Turkman Gate violence : दिल्ली का ऐतिहासिक तुर्कमान गेट इलाका एक बार फिर तनाव और हंगामे की गूँज से दहल उठा। पुरानी दिल्ली के फैज-ए-इलाही मस्जिद के बाहर अवैध अतिक्रमण को हटाने पहुँची नगर निगम और पुलिस की टीम पर हुए हिंसक हमले के मामले में सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस बवाल के मुख्य सूत्रधारों की पहली तस्वीरें सामने आ गई हैं, जिसमें पुलिस ने पत्थरबाजी और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में कासिफ, कैफ, अरीब, अदनान और समीर को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब प्रशासन का बुलडोजर मस्जिद के बाहरी परिसर में अवैध रूप से बने ढांचों को ढहाने पहुँचा था, लेकिन देखते ही देखते शांतिपूर्ण कार्रवाई ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया।

घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार को जब दिल्ली नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू करने पहुँची, तो वहां मौजूद भीड़ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ ही मिनटों में यह विरोध हिंसक झड़प में तब्दील हो गया और भीड़ की ओर से पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दिल्ली पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो को आधार बनाकर उपद्रवियों की पहचान की। पुलिस की ओर से जारी तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे इन युवकों ने कानून को हाथ में लेने की कोशिश की।

कानूनी कार्रवाई की बात करें तो दिल्ली पुलिस ने इस पूरे मामले में भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों पर दंगा भड़काने, लोक सेवकों पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह पत्थरबाजी अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश की बू आ रही है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि क्या इन उपद्रवियों को किसी खास समूह द्वारा उकसाया गया था या यह केवल स्थानीय विरोध का तात्कालिक परिणाम था।

वर्तमान में तुर्कमान गेट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी सूरत में शहर की कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल फरार चल रहे अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई और जनभावनाओं के बीच के टकराव को उजागर करती है, जहाँ अवैध कब्जे को हटाने जैसी रूटीन प्रक्रिया भी सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव का रूप ले लेती है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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