एंड्रोथ का रहस्य: आखिर क्यों चर्चा में है ये नाम
हिंद महासागर में भारत की नई ताकत INS एंड्रोथ जानिए इस नाम का मतलब और भारत से गहरा रिश्ता

भारतीय नौसेना लगातार अपनी ताकत को मजबूत बना रही है। हिंद महासागर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच नौसेना को हाल ही में एक नया पनडुब्बी रोधी युद्धपोत मिला है। इस युद्धपोत का नाम है INS एंड्रोथ। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एंड्रोथ का मतलब क्या है और इसका भारत से क्या खास जुड़ाव है?
एंड्रोथ क्या है ?
एंड्रोथ दरअसल लक्षद्वीप का एक बेहद महत्वपूर्ण द्वीप है। यह द्वीप लक्षद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप माना जाता है और अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है। यहां घने नारियल के पेड़, शांत वातावरण और साफ-सुथरे समुद्री तट इसे खास पहचान दिलाते हैं। स्थानीय लोग मुख्य रूप से मछली पकड़ने और नारियल की खेती पर निर्भर रहते हैं।
इतिहास और संस्कृति से जुड़ा महत्व :
यह द्वीप सिर्फ अपनी सुंदरता के लिए ही नहीं बल्कि अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। यहां स्थित जुमात मस्जिद, संत उबैदुल्लाह का मकबरा और प्राचीन बौद्ध स्थलों के खंडहर इस द्वीप को और भी खास बनाते हैं। यही वजह है कि एंड्रोथ को धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में देखा जाता है।
क्यों रखा गया जहाज का नाम INS एंड्रोथ :
भारतीय नौसेना परंपरागत रूप से अपने जहाजों का नाम भारत के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व से जुड़े स्थलों पर रखती है। इसी क्रम में नए युद्धपोत का नाम INS एंड्रोथ रखा गया। इसे खासतौर पर पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए तैयार किया गया है। यह जहाज Anti-Submarine Warfare Shallow Water Crafts (ASW-SWC) की सीरीज का हिस्सा है। कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने इसे तैयार किया है। कुल आठ जहाज इस सीरीज में बनाए जा रहे हैं और INS एंड्रोथ इनमें दूसरा है।
रणनीतिक महत्व :
INS एंड्रोथ को तटीय पानी में ऑपरेशंस के लिए डिजाइन किया गया है। यह जहाज अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है। हिंद महासागर में बढ़ती गतिविधियों और सुरक्षा चुनौतियों के बीच इस जहाज का शामिल होना भारत की समुद्री शक्ति को और मजबूत करता है।
प्रतीक है भारत की शक्ति और विरासत :
INS एंड्रोथ सिर्फ एक जहाज नहीं, बल्कि भारत की समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। जिस तरह एंड्रोथ द्वीप अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण खास है, उसी तरह INS एंड्रोथ नौसेना की ताकत और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है। INS एंड्रोथ का नाम केवल भौगोलिक पहचान से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति, इतिहास और समुद्री रणनीति का मेल भी है। आने वाले वर्षों में यह जहाज भारतीय नौसेना की रीढ़ साबित हो सकता है और हिंद महासागर में भारत की उपस्थिति को और मजबूत करेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
