पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर (PoK) में हाल ही में जनरेशन Z (Gen Z) द्वारा नेतृत्व किए गए छात्रों के प्रदर्शनों ने पूरे क्षेत्र में ध्यानाकर्षण किया है। ये प्रदर्शन शिक्षा क्षेत्र में हो रहे फेरबदल और फीस वृद्धि के विरोध में शुरू हुए, लेकिन धीरे-धीरे व्यापक सामाजिक और राजनीतिक असंतोष का रूप लेने लगे। प्रदर्शन की शुरुआत अक्टूबर 2025 में मुजफ्फराबाद के विश्वविद्यालयों में हुई, जहां छात्रों ने विश्वविद्यालयों की 10% वार्षिक फीस वृद्धि और नई डिजिटल ई-मार्किंग प्रणाली के कारण परीक्षा परिणामों में देरी और गड़बड़ी के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध शुरू किया।


इंटरमीडिएट पहले वर्ष के परिणाम छह महीने की देरी से जारी हुए, जिनमें कई छात्रों को आश्चर्यजनक रूप से कम अंक मिले या वे उन विषयों में पास दिखाए गए जिनकी उन्होंने परीक्षा तक नहीं दी थी। इसके अतिरिक्त, पुन: जाँच के लिए प्रति विषय 1500 रुपये का शुल्क लगाया गया, जिसे कई छात्रों और उनके परिवारों के लिए वहन करना मुश्किल था। इस फीस वृद्धि के अलावा, अफवाहों में 60% तक की संपूर्ण फीस वृद्धि की बात चली, जिससे असंतोष और बढ़ा।


ट्रांसपोर्ट फीस में बढ़ोतरी की खबरें आईं, हालांकि बाद में प्रशासन ने इसे वापस ले लिया। साथ ही, छात्रों के राजनीतिक और यूनियन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया जिससे उनकी नाराजगी बढ़ी। प्रदर्शन धीरे-धीरे बिगड़ने लगा जब एक अज्ञात बंदूकधारी ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई, जिसमें एक छात्र घायल हो गया। इस घटना के बाद छात्र और अधिक आगबबूला हो गए, उन्होंने सड़कें जाम कर दीं, टायर जलाए और पाकिस्तान सरकार व सेना के खिलाफ नारेबाजी की। प्रशासन ने भी कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और सुरक्षा बल भेजे, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।


घटना की विस्तृत रूपरेखा इस प्रकार है:

  • अक्टूबर 2025 के आरंभ में: विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक मुद्दों पर शांतिपूर्ण विरोध शुरू।
  • अक्टूबर के मध्य: फीस वृद्धि, पुन: जाँच शुल्क और परिणामों में गड़बड़ी को लेकर विरोध तेज।
  • अक्टूबर के अंत: छात्र यूनियनों और राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा।
  • नवंबर 2025 की शुरुआत: गोलीबारी की घटना के बाद विरोध हिंसक हो गया, सड़कों पर जाम और आगजनी हुई।
  • नवंबर 2025 में: व्यापक सामाजिक-राजनीतिक असंतोष के साथ आंदोलन जारी।


इस आंदोलन ने केवल शिक्षा संबंधी मुद्दे ही नहीं, बल्कि गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, आकस्मिक प्रशासन और सैन्य नियंत्रण जैसे व्यापक मुद्दों को भी उजागर किया। युवा वर्ग, जिसे जनरेशन Z के नाम से जाना जाता है, अब बदली हुई स्थिति से जागरूक होकर अपने अधिकारों और बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठा रहा है। नेपाल में हाल ही में हुए जनरेशन Z के बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन एक संदर्भ के रूप में महत्वपूर्ण हैं। नेपाल में युवाओं ने सरकारी भ्रष्टाचार, अभिव्यक्ति की आज़ादी पर प्रतिबंध, और पारदर्शिता की कमी के खिलाफ आन्दोलन किया था। उस आन्दोलन ने सरकार के कुछ प्रमुख मंत्रियों के इस्तीफे सहित महत्वपूर्ण परिवर्तन भी लाए।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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