Women's World Cup Qualifier 2027 : महिला एशियाई कप का क्वार्टर फाइनल मुकाबला इस बार केवल खेल कौशल की परीक्षा नहीं, बल्कि कूटनीतिक और भू-राजनीतिक खींचतान का अखाड़ा बनने जा रहा है। शनिवार को होने वाले चीन और ताइवान के बीच इस हाई-प्रोफाइल मैच से पहले ही स्टेडियम की दीर्घाओं में तनाव चरम पर पहुँच गया है। खेल और सियासत के इस टकराव ने तब सुर्खियां बटोरीं जब ताइवानी प्रशंसकों ने अपनी ही टीम का उत्साहवर्धन करने के अधिकार को लेकर गंभीर आरोप लगाए, जिससे एशियाई फुटबॉल महासंघ (एएफसी) के सामने असहज स्थिति पैदा हो गई है।

मैदान से बाहर निकाले गए कोच : झंडे और बैनर जब्त

विवाद की शुरुआत तब हुई जब ताइवान की पुरुष टीम के पूर्व कोच चेन कुई-जेन को सुरक्षाकर्मियों ने जबरन स्टेडियम से बाहर निकाल दिया। यह घटना भारत के खिलाफ ताइवान की 3-1 की जीत के दौरान घटी। आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें "चीनी ताइपे" के बजाय ताइवान के पक्ष में नारेबाजी करने और समर्थन जताने के कारण निशाना बनाया। इसके अलावा, प्रशंसकों ने यह भी दावा किया कि स्टेडियम में उनके झंडे और ताइवान समर्थक बैनर जब्त कर लिए गए। चीन और ताइवान के बीच का ऐतिहासिक तनाव—जहाँ चीन इस द्वीप पर अपना दावा करता है और ताइवान अपनी संप्रभुता पर अड़ा है—अब फुटबॉल की पिच पर पूरी तरह हावी दिख रहा है।

राजनीतिक विरोध और आधिकारिक प्रतिक्रिया :

चेन के निष्कासन और प्रशंसकों के साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद सिडनी स्थित ताइपे आर्थिक और सांस्कृतिक कार्यालय ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कार्यालय ने औपचारिक रूप से एएफसी के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया है। वर्तमान में एएफसी इस पूरी घटना की आंतरिक जांच कर रही है, हालांकि महासंघ ने आधिकारिक तौर पर कोई भी टिप्पणी करने से फिलहाल इनकार कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में ताइवान को "चीनी ताइपे" के रूप में भाग लेना पड़ता है, जो चीन की शर्तों को संतुष्ट करने का एक पुराना और विवादित तरीका है, लेकिन इस बार प्रशंसकों का आक्रोश इस सीमा को लांघता नजर आ रहा है।

नॉकआउट चरण का रोमांच और विश्व कप का टिकट :

मैदान की बात करें तो विश्व रैंकिंग में 40वें स्थान पर मौजूद ताइवान के लिए मौजूदा चैंपियन चीन के खिलाफ राह आसान नहीं होगी। हालांकि, इस मैच का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि:

  • सभी सेमीफाइनलिस्ट टीमें अगले साल ब्राजील में होने वाले महिला विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगी।
  • हारने वाली टीमों के पास अगले सप्ताह गोल्ड कोस्ट में होने वाले प्लेऑफ के जरिए दो और स्थानों के लिए लड़ने का मौका होगा।
  • अन्य मुकाबलों में गत चैंपियन जापान का सामना फिलीपींस से होगा, जबकि दक्षिण कोरिया की भिड़ंत उज्बेकिस्तान से होगी।

उत्तर कोरियाई टीम का आक्रोश और वीएआर विवाद :

तनाव केवल चीन-ताइवान तक सीमित नहीं है। उत्तर कोरिया और चीन के बीच हुए पिछले मैच में भी भारी ड्रामा देखने को मिला था। उत्तर कोरियाई खिलाड़ियों ने अतिरिक्त समय में चीन के गोल को वीएआर (VAR) के जरिए सही ठहराए जाने के बाद मैदान से बाहर जाने का प्रयास किया था। उत्तर कोरियाई कोच री सोंग हो ने कहा कि वे भविष्य में रेफरी के फैसलों का सम्मान करेंगे, लेकिन मैदान पर उनकी नाराजगी ने एशियाई कप के अनुशासन पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

एशियाई कप के ये क्वार्टर फाइनल मुकाबले केवल ट्रॉफी की दौड़ नहीं हैं, बल्कि यह एशिया की जटिल राजनीति और खेल के प्रति जुनून के अद्भुत मेल का गवाह बन रहे हैं। सिडनी का पर्थ रेक्टेंगुलर स्टेडियम शनिवार को न केवल फुटबॉल के जादू का गवाह बनेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि खेल की भावना इस भू-राजनीतिक शोर पर जीत हासिल कर पाती है या नहीं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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