Surajkund झूला हादसा; सरकार ने खोला राहत का पिटारा
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में सुनामी झूला टूटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 13 लोग घायल और एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई। हरियाणा सरकार ने घायलों को ₹1 लाख की मदद, इलाज का खर्च और मृतक इंस्पेक्टर के बेटे को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। मामले में एसआईटी जांच और गिरफ्तारियां हुई हैं।

Surajkund Mela jhula accident Faridabad : हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे विश्वप्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में शनिवार (7 फरवरी 2026) की शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में लगे ‘सुनामी’ झूले के अचानक टूट जाने से 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि लोगों को बचाने के प्रयास में एक पुलिस इंस्पेक्टर की जान चली गई। हादसे ने मेला परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रविवार (8 फरवरी) को हरियाणा सरकार में मंत्री राजेश नागर ने सूरजकुंड मेला पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए।
सरकार का ऐलान : इलाज, मुआवजा और नौकरी
पीड़ितों से मुलाकात के बाद मंत्री राजेश नागर ने कहा कि राज्य सरकार सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी और उन्हें एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि हादसे में जान गंवाने वाले पुलिस इंस्पेक्टर के एक बच्चे को सरकारी नौकरी के साथ आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक जांच कमेटी गठित कर दी गई है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
हादसा कैसे हुआ ?
एसीपी दिनेश कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि यह दुर्घटना शाम करीब 6:00 से 6:15 बजे के बीच हुई। उस समय रोलिंग झूले पर करीब 12 से 13 लोग सवार थे। अचानक झूले का एक हिस्सा टूट गया। इसके बाद एक इंस्पेक्टर, दो महिलाएं, एक एएसआई, एक सैनिक और एक होम गार्ड बच्चों को बचाने के लिए झूले पर चढ़े, लेकिन इसी दौरान झूले का दूसरा हिस्सा भी टूट गया। लोगों को बचाने के प्रयास में इंस्पेक्टर को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कानूनी कार्रवाई और जांच :
हादसे के बाद झूले वाले हिस्से को तत्काल बंद कर दिया गया। पुलिस ने सुरक्षा में लापरवाही के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले की विस्तृत जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जो जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपेगी।
जांच के दौरान झूला संचालन से जुड़े दो आरोपियों—सिरमौर जिले के टोका नांगला गांव निवासी मोहम्मद शाकिर और उत्तर प्रदेश के मेरठ के धर्मपुरी निवासी नितेश—को गिरफ्तार कर लिया गया है।
समापन में, सूरजकुंड मेले का यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया, बल्कि सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की भी चेतावनी देता है। सरकार के राहत और कार्रवाई के ऐलान के साथ अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली सख्त कार्रवाई पर टिकी हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
