Israel US Iran War 2026 : मध्य पूर्व इस समय इतिहास के सबसे भीषण और निर्णायक सैन्य संघर्ष के मुहाने पर खड़ा है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के नाम से शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान ने ईरान के सैन्य और राजनीतिक ढांचे को हिलाकर रख दिया है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई इस जंग का आज पांचवां दिन है और अब तक मरने वालों का कुल आंकड़ा 1,000 के पार जा चुका है। इस युद्ध की शुरुआत ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के साथ हुई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हिंसा की एक ऐसी लहर दौड़ी है जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।

सत्ता परिवर्तन और कोम में विध्वंसक हमला :

इजरायली मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के विशेषज्ञ सभा (Assembly of Experts) ने अयातुल्ला खामेनेई के बेटे, मोजतबा हुसैनी खामेनेई को ईरान का अगला सर्वोच्च नेता चुन लिया है। हालांकि, इस चयन प्रक्रिया को बाधित करने के लिए इजरायल ने कोम शहर में स्थित असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की बिल्डिंग पर भीषण हवाई हमला किया। इजरायल को आशंका थी कि वहां धार्मिक गुरु नए उत्तराधिकारी के चुनाव के लिए एकत्र हुए हैं। हमले में इमारत पूरी तरह जमींदोज हो गई, हालांकि उस समय वहां किसी की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच, अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके जन्मस्थान मशहद में इमाम रजा की दरगाह के पास सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी है, जिसके लिए तीन दिनों का शोक घोषित किया गया था, पर वर्तमान स्थिति को देखते हुए कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी : अमेरिका और इजरायल का चौतरफा प्रहार

व्हाइट हाउस ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा है कि इसका लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता और नौसेना को पूरी तरह से निष्प्रभावी करना है। अमेरिकी सेंट्रल फोर्स के कमांडर ने दावा किया है कि अब तक 17 ईरानी सैन्य जहाज और एक पनडुब्बी नष्ट की जा चुकी है। इजरायली वायुसेना (IDF) के अनुसार, पिछले पांच दिनों में ईरान के करीब 300 मिसाइल लॉन्चर और एयर डिफेंस सिस्टम तबाह किए गए हैं। तेहरान के पास एक गुप्त परमाणु केंद्र (Secret Nuclear Site) को भी निशाना बनाया गया है।

युद्ध के मुख्य सैन्य आंकड़े :

  • हवाई हमले : शुरुआती 30 घंटों में ईरान पर 2000 से अधिक टारगेट हिट किए गए।
  • ईरानी जवाबी कार्रवाई : ईरान ने अब तक 500 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 2,000 से ज्यादा ड्रोन दागे हैं।
  • तेल की कीमतें : होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरानी नियंत्रण के दावे के बाद कच्चे तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
  • सैन्य क्षति : ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उनके हमलों में 650 अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि शेष है।



वैश्विक प्रभाव और बढ़ता तनाव :

युद्ध की आग लेबनान और खाड़ी देशों तक फैल चुकी है। इजरायल ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों और अल-मनार टीवी के मुख्यालय पर बमबारी की है। लेबनान के सीमावर्ती इलाकों में सायरन गूंज रहे हैं और हजारों लोग विस्थापित हो रहे हैं। इस बीच, अमेरिका ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान के कराची और लाहौर दूतावासों से अपने गैर-जरूरी कर्मचारियों को वापस बुला लिया है। श्रीलंका के तट पर एक ईरानी जहाज पर हुए रहस्यमयी पनडुब्बी हमले ने इस संघर्ष को हिंद महासागर तक खींच लिया है, जिसमें 101 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए 'डिफेंस' के रूप में की गई है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री ने इसे 'पसंद की जंग' करार देते हुए कड़े प्रतिरोध की चेतावनी दी है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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