ऑस्ट्रेलिया ने डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि देश में अब 16 साल से कम उम्र के बच्चे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग नहीं कर सकेंगे। यह नया कानून दिसंबर 2025 से लागू होगा, जिसके बाद नाबालिग न तो नया सोशल मीडिया अकाउंट बना पाएंगे और न ही पुराने अकाउंट का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह निर्णय ऑनलाइन दुनिया में बच्चों की मानसिक और सामाजिक सुरक्षा को लेकर उठाई जा रही चिंताओं के बीच आया है।

सरकार ने इस संबंध में ऑनलाइन सेफ्टी एमेडमेंट (सोशल मीडिया मिनिमम एज) बिल 2024 पेश किया है। इस कानून के तहत किसी भी बच्चे द्वारा 16 साल की उम्र से पहले सोशल मीडिया का उपयोग गैरकानूनी होगा। प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे ऐसे सभी यूजर्स के अकाउंट बंद करें जिनकी उम्र कानूनी सीमा से कम है। साथ ही, कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर उम्र की पहचान के लिए कड़े वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने होंगे। यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की बढ़ती निर्भरता और उससे उत्पन्न मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

नए कानून का दायरा लगभग सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगा जिनमें Facebook, Instagram, TikTok, Snapchat, X (Twitter), YouTube, Reddit और Kick जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। यदि इन पर उम्र सीमा से नीचे के किसी यूजर का अकाउंट सक्रिय पाया गया, तो यह कानून का उल्लंघन माना जाएगा। इससे सोशल मीडिया कंपनियों पर भी बड़ा दबाव बनेगा कि वे अपने सिस्टम में बड़े तकनीकी बदलाव करें और बच्चों की उम्र की पहचान के लिए सटीक व सुरक्षित प्रक्रियाएं विकसित करें।

सरकार का मानना है कि यह कदम केवल तकनीकी नियंत्रण नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में किए गए वैश्विक अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि सोशल मीडिया की लत बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही है। लगातार स्क्रीन देखने से नींद में बाधा, चिंता, बेचैनी और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में कमी जैसे लक्षण तेजी से बढ़े हैं। सरकार का कहना है कि डिजिटल दुनिया को बच्चों की मासूमियत और उनके विकास की कीमत पर आगे नहीं बढ़ने दिया जा सकता।

नया कानून 10 दिसंबर 2025 से लागू किया जाएगा। इस तारीख के बाद कोई भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 16 साल से कम उम्र के यूजर्स को सेवा नहीं दे सकेगा। सरकार का कहना है कि इस कानून के ज़रिए वह इंटरनेट को बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित, नियंत्रित और जिम्मेदार बनाना चाहती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला केवल ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण बन सकता है कि डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाना अब समय की मांग है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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