हर साल 22 फरवरी को विश्वभर की गर्ल गाइड्स और गर्ल स्काउट्स वर्ल्ड थिंकिंग डे मनाती हैं, जो पहले केवल 'थिंकिंग डे' के नाम से जानी जाती थी। यह विशेष दिन उनके लिए एक अवसर है जब वे अपनी "बहनों" और "भाइयों" के बारे में सोचते हैं, दुनिया भर में गाइडिंग और स्काउटिंग की प्रगति पर गौर करते हैं, और इसके वैश्विक प्रभाव को समझते हैं। केवल मनाने तक सीमित नहीं, बल्कि यह दिन गाइड्स और स्काउट्स को एकजुट होकर सामाजिक जिम्मेदारियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का माध्यम भी बनता है।

वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ गर्ल गाइड्स एंड गर्ल स्काउट्स (WAGGGS) प्रत्येक वर्ष इस दिन के लिए एक वैश्विक मुद्दा चुनती है और पाँच विश्व क्षेत्रों में से एक-एक फोकस कंट्री को विशेष रूप से चिन्हित करती है। इससे सदस्य देशों की संस्कृति, इतिहास और सामाजिक चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है, और युवाओं में वैश्विक संवेदनशीलता और सामाजिक चेतना बढ़ती है। इस अवसर पर थिंकिंग डे फंड के लिए दान भी इकट्ठा किया जाता है, जो विश्वभर में गर्ल गाइड्स और स्काउट्स की परियोजनाओं को समर्थन देता है।

22 फरवरी को विशेष इसलिए चुना गया क्योंकि यह स्काउटिंग और गाइडिंग के संस्थापक लॉर्ड रॉबर्ट बेडेन-पॉवेल और उनकी पत्नी, वर्ल्ड चीफ गाइड, लेडी ओलेव बेडेन-पॉवेल का जन्मदिन है। कुछ स्काउट संगठन इसे बी.-पी. डे या फाउंडर्स’ डे के रूप में भी मनाते हैं।


इतिहास का संक्षिप्त परिचय:

1926 में, चौथे गर्ल स्काउट इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के दौरान, अमेरिका के कैंप एडीथ मेसी में उपस्थित प्रतिनिधियों ने एक अंतरराष्ट्रीय दिवस की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि एक ऐसा दिन होना चाहिए जब गर्ल गाइड्स और गर्ल स्काउट्स दुनिया भर में अपने "बहनों" के बारे में सोचें और उन्हें सम्मान तथा कृतज्ञता व्यक्त करें। इसी निर्णय के तहत 22 फरवरी को थिंकिंग डे मनाने की योजना बनाई गई। साल 1999 में, आयरलैंड में आयोजित 30वें वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस में इस दिन का नाम "थिंकिंग डे" से बदलकर "वर्ल्ड थिंकिंग डे" कर दिया गया, ताकि इसके वैश्विक स्वरूप को स्पष्ट रूप से दर्शाया जा सके।


वर्ल्ड थिंकिंग डे 2026 का थीम: 'हमारी दोस्ती'

इस वर्ष वर्ल्ड थिंकिंग डे का केंद्रीय विषय "हमारी दोस्ती" रखा गया है। इस थीम के माध्यम से गर्ल गाइड्स और स्काउट्स यह संदेश फैलाएंगे कि अंतरराष्ट्रीय दोस्ती और सहयोग के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। संगठन विभिन्न गतिविधियों और परियोजनाओं के जरिए सदस्यों को वैश्विक समझ और सांस्कृतिक संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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