यूक्रेन जंग में रूस का बड़ा बयान; अमेरिकी ताक़त नाकाम!
रूस यूक्रेन युद्ध: सुरक्षा गारंटी पर रूस का बड़ा बयान, अमेरिकी सैनिक बेबस

यूक्रेन जंग में रूस का बड़ा बयान; अमेरिकी ताक़त नाकाम!
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई सालों से चल रही इस जंग को रोकने के लिए दुनियाभर के बड़े नेता लगातार कोशिशें कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसमें दखल दिया था, लेकिन नतीजा कुछ खास नहीं निकला। अब रूस की तरफ से एक बड़ा और सख्त बयान सामने आया है। रूस का कहना है कि पश्चिमी देश और अमेरिकी सैनिक यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने में सक्षम नहीं हैं।
क्रेमलिन ने शुक्रवार (5 सितंबर) को आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि चाहे यूरोपीय देश हों या अमेरिका, वे किसी भी सूरत में यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रूसी मीडिया से बातचीत में कहा, “क्या विदेशी, खासकर यूरोपीय और अमेरिकी सैन्य टुकड़ियां यूक्रेन को सुरक्षा और गारंटी दे सकती हैं? बिल्कुल नहीं, वे ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं।”
क्यों अहम है यह बयान ?
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिमी देश लगातार रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों की बात कर रहे हैं। हालांकि रूस का आरोप है कि नाटो का विस्तार और पश्चिमी देशों का हस्तक्षेप ही इस संघर्ष की जड़ है। रूस कई बार साफ कर चुका है कि उसे नाटो की बढ़ती मौजूदगी अपने लिए खतरा लगती है।
यूक्रेन को हो रहा भारी नुकसान :
लंबे समय से चल रहे रूस यूक्रेन युद्ध की वजह से यूक्रेन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बुनियादी ढांचा तबाह हो चुका है, सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लाखों लोगों को पलायन करना पड़ा है। युद्ध को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पुतिन और जेलेंस्की के साथ मीटिंग भी की थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया।
यूक्रेन की सेना ने भी कई बार रूस को जवाब दिया है। उसने मिसाइल और ड्रोन से अटैक किए, लेकिन रूस की सैन्य ताकत के सामने अब तक उसकी कोशिशें नाकाफी साबित हुई हैं।
फ्रांस और अन्य देशों की पेशकश :
इस बीच दुनिया के करीब 26 देशों ने यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने की पेशकश की है। फ्रांस 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि अब तक 26 देशों ने यूक्रेन के समर्थन में सेना भेजने का प्रस्ताव रखा है। उनका कहना है कि यह पहली बार है जब इतने देशों ने मिलकर यूक्रेन का साथ देने की ठोस पहल की है। सैनिकों की तैनाती का मकसद किसी भी तरह के आक्रमण को रोकना होगा।
फिलहाल, स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। एक ओर रूस लगातार अपनी स्थिति और सख्त कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी देश यूक्रेन को सुरक्षा और सैन्य मदद देने का वादा कर रहे हैं। लेकिन रूस के ताज़ा बयान से साफ हो गया है कि रूस यूक्रेन युद्ध अभी और लंबा खिंच सकता है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
