russian oil transport secret fleet attack : तुर्किए के बोस्फोरस स्ट्रेट के बिल्कुल निकट शुक्रवार देर रात ऐसा धमाका हुआ जिसने काले सागर की ख़ामोशी को चीर दिया। रूस के कथित शैडो फ्लीट के दो टैंकर—Kairos और Virat—अचानक आग की लपटों में घिर गए। घटनास्थल से उठते धुएं और लगातार हो रहे छोटे विस्फोटों ने तुरंत साफ कर दिया कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित बाहरी हमला था। तुर्किए ने शुरुआती जांच के आधार पर कहा कि हमले में मिसाइल, ड्रोन या किसी मानवरहित समुद्री वाहन का इस्तेमाल हो सकता है।


जब टैंकर जलते हुए ब्लैक सी में तैर रहे थे, तभी एक इंटरसेप्टेड ओपन-फ्रीक्वेंसी रेडियो सिग्नल ने पूरी घटना की भयावहता दुनिया के सामने ला दी। जहाज़ Virat का एक क्रू मेंबर मदद मांगते हुए चिल्लाया—“यह विराट है… मदद चाहिए… ड्रोन अटैक… मेडे!” यह कॉल न सिर्फ हमले की पुष्टि थी, बल्कि इस बात का संकेत भी कि हमला बेहद नज़दीक से किया गया था और टैंकरों को भारी नुकसान हुआ है।


तुर्किए के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि Virat पर पहला हमला 28 नवंबर की रात हुआ, और फिर 29 नवंबर की सुबह उस पर दोबारा हमला किया गया। हालांकि जहाज़ को सीमित क्षति पहुंची और चालक दल सुरक्षित है, लेकिन Kairos को गंभीर नुकसान झेलना पड़ा। उधर, न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार यूक्रेन ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। यह सब ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन पर अमेरिका की ओर से शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने का दबाव बेहद बढ़ गया है।


यूक्रेन की सुरक्षा सेवा एसबीयू के एक अधिकारी ने बताया कि यह अभियान एसबीयू और नौसेना का संयुक्त ऑपरेशन था। उनके अनुसार, साझा किए गए वीडियो में स्पष्ट दिखता है कि आधुनिक सी बेबी नेवल ड्रोन तेज गति से टैंकरों की ओर बढ़े, और टकराव के बाद तेज धमाकों के साथ आग भड़क उठी। उन्होंने कहा कि इस हमले से रूस की ‘शैडो फ्लीट’ को बहुत बड़ा धक्का लगा है और इससे उसके तेल परिवहन ढांचे पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा।


ये शैडो फ्लीट आखिर है क्या—यह सवाल अब फिर उभर रहा है। वेसलफाइंडर वेबसाइट और कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, रूस पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए ऐसे जहाज़ों का उपयोग कर रहा है जिनका AIS (Automatic Identification System) ट्रांसपोंडर बंद कर दिया जाता है। इससे जहाज़ रडार पर दिखाई नहीं देते और तेल निर्यात गुप्त रूप से जारी रहता है। यह बेड़ा रूस की अर्थव्यवस्था के लिए प्रतिबंधों के बीच एक ‘लाइफलाइन’ की तरह काम कर रहा था।


लेकिन ब्लैक सी में हुए इस हमले ने इस गुप्त नेटवर्क को झकझोर दिया है। Kairos और Virat पर हुए दोहरे प्रहार ने साफ संकेत दिया है कि रूस की शैडो फ्लीट अब पहले की तरह सुरक्षित नहीं रही। क्षेत्र में तनाव बढ़ने के साथ यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और रूस-यूक्रेन संघर्ष की दिशा को गहराई से प्रभावित कर सकती है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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