Russia-India defense deal : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आगामी भारत दौरे को लेकर दोनों देशों के बीच डिफेंस डील की अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्य चर्चा का केंद्र रूस का स्टेल्थ फाइटर जेट Su-57 है, जिसे लेकर हाल ही में दुबई एयर शो में रूस की रोसोबोरोन एक्सपोर्ट कंपनी ने ऐलान किया कि मेक इन इंडिया के तहत इस विमान का निर्माण भारत में किया जा सकता है। यह प्रस्ताव भारत के लिए एक दशक के भीतर स्वदेशी स्टेल्थ जेट AMCA के विकास की लंबी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए विशेष महत्व रखता है।

पिछले एक साल में यह दूसरी बार है जब रूस ने भारत को Su-57 के निर्माण और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का ऑफर दिया। जनवरी में बेंगलुरु में आयोजित एयरो इंडिया प्रदर्शनी में भी इसी प्रकार का प्रस्ताव पेश किया गया था। भारत अब इस पर गंभीर विचार कर रहा है कि Su-57 की एक या दो स्क्वाड्रन खरीदना है या बड़े पैमाने पर भारत में उत्पादन करना है।

भारत में अभी स्वदेशी फिफ्थ जेनरेशन स्टेल्थ जेट AMCA के तैयार होने में लगभग एक दशक का समय लगेगा। एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) का दावा है कि 2035-36 तक AMCA तैयार होकर भारतीय वायुसेना की सेवा में शामिल हो जाएगा। ऐसे में Su-57 या किसी विदेशी स्टेल्थ फाइटर जेट पर निर्भर रहना देश की तत्काल वायु सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।

इस कदम का रणनीतिक महत्व भी कम नहीं है। भारत के पड़ोसी चीन ने J-20 और J-35 जैसी फिफ्थ जेनरेशन स्टेल्थ फाइटर जेट विकसित कर लिए हैं और पाकिस्तान को भी इन विमानों के माध्यम से सशस्त्र करने की तैयारी है। ऐसे में Su-57 या अमेरिका का F-35 अपनाने का फैसला भारत को क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने और वायु श्रेष्ठता सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

Su-57 और F-35 दोनों ही अत्याधुनिक और युद्ध में सिद्ध लड़ाकू विमान हैं। रूस ने Su-57 का उपयोग यूक्रेन में किया है, जबकि F-35 का प्रयोग अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ सफलतापूर्वक किया है। Su-57 डबल इंजन वाला विमान है, जबकि F-35 सिंगल इंजन पर आधारित है। इन विमानों की क्षमताओं और रणनीतिक महत्व ने भारत की रक्षा योजनाओं में नई गति और गंभीर बहस को जन्म दिया है।

पुतिन के भारत दौरे और Su-57 डील की संभावित घोषणा न केवल भारतीय वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण होगी, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों और चीन-पाकिस्तान के रणनीतिक कदमों पर भी सीधे असर डाल सकती है। यह डील भारत की रक्षा और सामरिक क्षमताओं के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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