भारत रूस तेल व्यापार : ट्रंप की टैरिफ चेतावनी पर रूस का पलटवार; भारत से नाता अटूट
भारत रूस तेल व्यापार पर रूसी मंत्रालय का बड़ा बयान अमेरिका की टैरिफ धमकी बेअसर

अमेरिका के भारी टैक्स टैरिफ और दबाव के बावजूद भारत ने रूस से तेल आयात जारी रखने का जो फैसला लिया है, उस पर मॉस्को ने खुलकर भारत की सराहना की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि "भारत रूस तेल व्यापार" को नुकसान पहुंचाने की कोई भी कोशिश विफल रहेगी। रूस ने अमेरिका की ओर से लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत ने जिस मजबूती और स्पष्टता के साथ अपने हितों की रक्षा की है, वह काबिले तारीफ है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने आरटीवी को दिए बयान में कहा – “हम भारत का धन्यवाद करते हैं कि उसने धमकियों और दबाव के बावजूद रूस के साथ बहुआयामी सहयोग और भारत रूस तेल व्यापार को जारी रखा।”
अमेरिका की चेतावनी और भारत का रुख :
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर आरोप लगाया था कि रूस से तेल खरीदकर वह यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से सहारा दे रहा है। ट्रंप प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी कि यदि भारत ने रूस से तेल आयात बंद नहीं किया तो टैरिफ में और बढ़ोतरी की जाएगी। हालांकि, भारत ने इस कदम को अनुचित बताते हुए कहा कि अमेरिका और यूरोप खुद भी रूस से खरीदारी करते हैं, फिर भारत पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। भारत ने साफ संदेश दिया है कि "भारत रूस तेल व्यापार" सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है और इसे किसी भी दबाव से रोका नहीं जा सकता।
दीर्घकालिक साझेदारी पर भरोसा :
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते दशकों से मजबूत रहे हैं और ये संबंध अंतर्राष्ट्रीय राजनीति की बदलती परिस्थितियों से परे हैं। मंत्रालय ने कहा – “सच कहें तो इसके अलावा कुछ और सोचना भी मुश्किल है। भारत रूस तेल व्यापार पर किसी का दबाव असर नहीं डालेगा।" मॉस्को का मानना है कि भारत के साथ संबंध विश्वास, पारंपरिक दोस्ती और रणनीतिक स्वायत्तता पर टिके हैं। यह रिश्ता सिर्फ व्यापारिक नहीं बल्कि एक गहरी रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें हर देश की संप्रभुता और हितों का सम्मान किया जाता है।
मोदी का स्पष्ट संदेश :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका के टैरिफ फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि भारत किसी भी देश के दबाव में आकर अपने हितों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने रूस और चीन दोनों के साथ मजबूत साझेदारी की बात दोहराई। मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और विकास के लिए "भारत रूस तेल व्यापार" को जारी रखेगा। उनके मुताबिक, यह फैसला देश की संप्रभुता और स्वतंत्र विदेश नीति को दर्शाता है।रूसी मंत्रालय का बयान साफ संकेत देता है कि भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग को रोकने की अमेरिकी कोशिशें सफल नहीं होंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में "भारत रूस तेल व्यापार" और भी तेजी से बढ़ सकता है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस को एक भरोसेमंद साझेदार मानता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
