व्हाइट हाउस फायरिंग पर तेजस्वी की पार्टी का तंज; बोले— 'अगर वहां ये हाल है, तो सुरक्षा कहाँ है?'
अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप की मौजूदगी में हुई गोलीबारी पर बिहार के विपक्षी दलों ने सुरक्षा तंत्र की विफलता बताते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है।

राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव।
White House Shooting reaction India : दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका के सत्ता केंद्र 'व्हाइट हाउस' में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान हुई गोलीबारी ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में 'व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर' के दौरान गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट की गूंज अब भारत के गलियारों में भी सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस कायराना हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। विशेष रूप से बिहार की सियासत में इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जहां राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस ने अमेरिका जैसे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर 'ताज्जुब' जाहिर किया है।
इस सुरक्षा चूक पर रविवार को बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरे और आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के लिए एक काला धब्बा बताते हुए कहा कि किसी भी सभ्य समाज और लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। तिवारी ने अमेरिका की महाशक्ति वाली छवि पर सवाल उठाते हुए इसे 'ताज्जुब' वाली बात करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर व्हाइट हाउस जैसे अति-सुरक्षित स्थल पर, जहां स्वयं राष्ट्रपति मौजूद हों, वहां फायरिंग हो सकती है, तो यह वैश्विक सुरक्षा मानकों के लिए एक बहुत बड़ा और गंभीर सवाल है। आरजेडी ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए इसे सुरक्षा तंत्र की एक बड़ी विफलता माना है।
वहीं, महागठबंधन की सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने भी इस हमले पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। बिहार कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने स्पष्ट किया कि हिंसा कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। उन्होंने वैचारिक मतभेदों की ओर इशारा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विचारों की लड़ाई केवल विचारों से ही जीती जानी चाहिए; असहमति व्यक्त करने का अधिकार सबको है, लेकिन उसे हिंसक मोड़ देना पूरी तरह से नाजायज है। कांग्रेस ने इस घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की अपील की है।
इस घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग भी देखने को मिली। शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा अमेरिका की तुलना 'नर्क' से किए जाने वाले बयान पर कांग्रेस ने असहमति जताई। असित नाथ तिवारी ने भारतीय संस्कृति और संतों के दर्शन का हवाला देते हुए कहा कि हम इस पूरी धरती को मां समान मानते हैं, इसलिए किसी भी स्थान को 'नर्क' कहना अनुचित है। उन्होंने पश्चिमी सभ्यता के क्रियाकलापों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मानवीय कृत्यों ने भले ही स्थितियों को बिगाड़ा हो, लेकिन धरती का कोई भी हिस्सा नर्क नहीं है।
व्हाइट हाउस में हुई यह फायरिंग महज एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और कूटनीति के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर उभरी है। भारत के राजनीतिक दलों की ये प्रतिक्रियाएं दर्शाती हैं कि अमेरिका में होने वाली हर छोटी-बड़ी हलचल का असर भारतीय जनमानस और यहां की राजनीति पर व्यापक रूप से पड़ता है। फिलहाल, इस घटना ने दुनिया भर के नेताओं को अपनी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर पुनर्विचार करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए एकजुट होने पर मजबूर कर दिया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
