बांग्लादेश में सुरक्षा व्यवस्था तार-तार; मासूमों और महिलाओं पर बर्बरता से दहला देश।
बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर अवामी लीग ने बीएनपी सरकार को घेरा। जनवरी 2026 में रेप के मामलों में भारी उछाल, देश में सुरक्षा संकट गहराया।

बांग्लादेश में बढ़ते अपराधों के खिलाफ नागरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शन को दर्शाता एक सांकेतिक चित्र
Violence against women in Bangladesh 2026 : बांग्लादेश इस समय एक ऐसे काले अध्याय से गुजर रहा है जहाँ मानवीय संवेदनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। देश की गलियों से लेकर घरों के भीतर तक, महिलाएं और मासूम बच्चे एक अनकहे खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। साल 2025 में हिंसा के ग्राफ में आए भयानक उछाल के बाद, 2026 की शुरुआत ने सुरक्षा व्यवस्था की रही-सही साख को भी मटियामेट कर दिया है। अवामी लीग ने शुक्रवार को एक बेहद कड़ा बयान जारी करते हुए देश की मौजूदा स्थिति को 'राष्ट्रीय आपात' करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि सार्वजनिक स्थल हों या निजी घर, हर जगह सुरक्षा अब एक अनिश्चित जुआ बनकर रह गई है, जहाँ अपराधी बेखौफ हैं और आम नागरिक लाचार।
घटनाक्रम की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश में शायद ही कोई ऐसा दिन बीतता हो जब बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, यौन उत्पीड़न या इन दरिंदगी भरी वारदातों के बाद हत्या की खबरें सुर्खियां न बनती हों। विपक्षी दल अवामी लीग ने सीधे तौर पर तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि शासन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन पूरी तरह पंगु सिद्ध हुआ है। सरकार की ओर से बार-बार दोहराए जाने वाले 'जीरो टॉलरेंस' जैसे शब्द अब उन पीड़ित परिवारों के लिए महज एक क्रूर मजाक बनकर रह गए हैं, जिन्होंने अपनी आंखों के सामने अपनों को खोया है या समाज के सबसे कमजोर तबके को असुरक्षित पाया है।
आंकड़ों की जुबानी यह कहानी और भी रोंगटे खड़े करने वाली हो जाती है। ढाका स्थित मानवाधिकार समूह 'ऐन ओ सलीश केंद्र' (एएसके) और 'बांग्लादेश महिला परिषद' के दस्तावेजों का हवाला देते हुए अवामी लीग ने खुलासा किया कि केवल जनवरी 2026 के भीतर ही बलात्कार के 35 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 10 सामूहिक बलात्कार की श्रेणी में थे। सबसे विचलित करने वाला तथ्य यह है कि इन पीड़ितों में 13 बच्चियां ऐसी थीं जिनकी उम्र 12 वर्ष या उससे भी कम थी। बीते 13 महीनों के व्यापक डेटा पर नजर डालें तो कुल 776 बलात्कार के मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें आधे से अधिक शिकार नाबालिग थे। 2024 की तुलना में 2026 की शुरुआत में बच्चों के खिलाफ होने वाले इन जघन्य अपराधों में 75 फीसदी की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है, जो समाज के नैतिक पतन की ओर इशारा करती है।
अवामी लीग ने इस संकट को केवल अपराध तक सीमित न मानकर इसे 'गवर्नेंस' और 'न्याय व्यवस्था' की विफलता बताया है। पार्टी के अनुसार, अपराधियों में कानून का डर पूरी तरह समाप्त हो चुका है क्योंकि 'सजा से बच निकलने का माहौल' उनके मनोबल को बढ़ा रहा है। यह अब केवल महिलाओं का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह बांग्लादेश के राष्ट्रीय चरित्र और अस्तित्व का संकट बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों और मीडिया से इस मुद्दे पर मुखर होने की अपील करते हुए पार्टी ने मांग की है कि वैश्विक संस्थान और डोनर पार्टनर बांग्लादेश को मिलने वाले सहयोग को सुरक्षा और जवाबदेही में सुधार की शर्तों के साथ जोड़ें। यदि राज्य अपने नागरिकों को स्कूल जाने तक की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता, तो वह सामाजिक व्यवस्था के पतन का मूक दर्शक मात्र बना रहेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
