आंतरराष्ट्रीय स्तर के वैश्विक घटनाओं में व्यापारिक राजनीती दिखाई दे रही है। ऐसे में ही पिछले कई दिनों से भारत और रूस के तेल ट्रेड यह वैश्विक राजनीती में चर्चा का रूप बना हुआ है। भारत रूस तेल निर्यात पर कई चर्चाये हुई। इस निर्यात को लेके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी विवाद खड़ा किया था। उन्होंने भारत के खिलाफ इस निर्यात को लेकर टैरिफ का शस्त्र उठाया था। इसी शस्त्र का उत्तर देने के लिए भारत ने रूसी कच्चे तेल के आयात को बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इसके बाद अमेरिका ने भारतीय सामान के आयत पर 50 % टैरिफ लगाया है। इस पर अब भारत ने ठोस कदम उठाये है। तो जानते हे भारत के इस नए कदम के बारे में।


असल में अमेरिका चाहता है की भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर दे। इसका कारण अमेरिका सोचता है की भारत यह रशिया - यूक्रेन युद्ध में रूस को आर्थिक मदत दे रहा है। जिससे अमेरिका को अपना मकसद पूरा करने के लिए कठिनाइयाँ हो सकती है। इसलिए अमेरिका भारत को इस टैरिफ के माध्यम से दबाने की कोशिश कर रही है। इसके बावजूद भी भारत अपने रुख पर बरकार है। भारत का यह रुख भारतीय जनता के लिए योग्य है। साथ ही यह वाणिज्य और रणनीतिक रूप से सही है।


अमेरिका के साथ जारी व्यापार वार्ता के बीच भारत रूस से कच्चे तेल के आयात को बढ़ाने की तैयारी में है। रूस ने भारत को आगामी नवंबर से ब्रेंट क्रूड पर प्रति बैरल 2 से 2.50 डॉलर तक का ‘डबल डिस्काउंट’ देने का प्रस्ताव रखा है, जो पिछले महीने जुलाई-अगस्त में केवल 1 डॉलर प्रति बैरल था। इस नई छूट इतनी आकर्षक है कि इससे अमेरिकी टैरिफ का असर काफी हद तक कम हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम भारत के लिए ऊर्जा की लागत को नियंत्रित करने में मदद करेगा और साथ ही ट्रंप के वैश्विक व्यापार दांव को भी चुनौती देता नजर आता है। रूस ने इस बार घरेलू मांग और बाजार की स्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति में बदलाव किया है, जिससे भारत के लिए तेल आयात करना और भी फायदेमंद हो गया है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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