पुतिन के घर पर हुआ हमला! भड़के रूस ने दागी 'कयामत की मिसाइल', क्या यह World War 3 की आहट है ?
रूस ने पुतिन के आवास पर ड्रोन हमले का बदला लेने के लिए यूक्रेन पर अपनी सबसे घातक 'ओरेशनिक' हाइपरसोनिक मिसाइल से हमला किया है। आवाज से 10 गुना तेज चलने वाली इस मिसाइल को रोकना नामुमकिन बताया जा रहा है। जानें इस हमले के पीछे का पूरा सच, मिसाइल की मारक क्षमता और युद्ध के मैदान में रूस के इस नए हथियार से मचे हड़कंप की पूरी रिपोर्ट।

Russia Oreshnik hypersonic missile attack on Ukraine : रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष ने एक अत्यंत विनाशकारी और रणनीतिक मोड़ ले लिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर कीव द्वारा किए गए कथित ड्रोन हमले के जवाब में, रूस ने अपनी सबसे घातक और आधुनिक 'ओरेशनिक' (Oreshnik) हाइपरसोनिक मिसाइल से भीषण पलटवार किया है। मॉस्को का दावा है कि यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि उन ताकतों को एक कड़ा संदेश है जिन्होंने सीधे रूसी सत्ता के केंद्र को निशाना बनाने का दुस्साहस किया। इस नई पीढ़ी की मिसाइल के इस्तेमाल ने वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों के बीच हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इसे वर्तमान के किसी भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम द्वारा इंटरसेप्ट करना लगभग असंभव माना जा रहा है।
रूसी रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, 'ओरेशनिक' एक इंटरमीडिएट-रेंज मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता आवाज की गति से दस गुना अधिक यानी मैक 10 तक है। गुरुवार देर रात किए गए इस हमले में पश्चिमी यूक्रेन स्थित उन ड्रोन फैसिलिटीज़ और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया, जहाँ से रूसी नेतृत्व पर हमले की साजिश रची गई थी। बर्फ से ढके लैंडस्केप पर फिल्माए गए हमले के वीडियो में देखा जा सकता है कि छह तीव्र प्रकाश की किरणें (फ्लैश) आसमान से सीधे जमीन पर गिरती हैं, जिसके बाद सिलसिलेवार और अत्यंत शक्तिशाली धमाकों से पूरा इलाका थर्रा उठता है। हालांकि यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है, लेकिन वर्तमान हमले में केवल पारंपरिक वारहेड्स का ही उपयोग किया गया था।
रणनीतिक दृष्टि से 'ओरेशनिक', जिसे रूसी शब्दावली में 'हेजल ट्री' के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, रूस की नई पीढ़ी की लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता का प्रतिनिधित्व करती है। यह हथियार प्रणाली विशेष रूप से दुश्मन के गहरे सैन्य ठिकानों पर अचूक निशाना लगाने और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए विकसित की गई है। राष्ट्रपति पुतिन ने स्वयं इस मिसाइल की अजेयता का दावा करते हुए इसे रूसी सैन्य तकनीक का शिखर बताया है। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में 'ओरेशनिक' के साथ-साथ लंबी दूरी के अन्य घातक हथियारों और अटैक ड्रोन्स का भी बड़े पैमाने पर समन्वय किया गया था ताकि दुश्मन की रक्षा पंक्ति को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
इस प्रहार का प्रभाव केवल भौतिक क्षति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक गहरा 'डिटरेंस' यानी निरोधक संदेश भी है। विशेषज्ञ इसे रूस की उस रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जिसके तहत वह दुनिया को यह दिखाना चाहता है कि उसके पास ऐसी तकनीक है जो किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम को बौना साबित कर सकती है। पुतिन के आवास पर हमले के प्रतिउत्तर में 'ओरेशनिक' का यह पहला वास्तविक युद्धक उपयोग अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और युद्ध के भविष्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह घटना स्पष्ट करती है कि अब यह संघर्ष एक ऐसे खतरनाक पड़ाव पर पहुँच गया है जहाँ अत्याधुनिक हथियारों की होड़ वैश्विक सुरक्षा समीकरणों को फिर से लिखने की क्षमता रखती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
