ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज, प्रदर्शनकारियों को ‘अल्लाह का दुश्मन’ बताते हुए दि मौत की चेतावनी
ईरान में आर्थिक और राजनीतिक असंतोष के बीच विरोध प्रदर्शन फैल चुके हैं। सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शनकारियों को ‘अल्लाह का दुश्मन’ बताते हुए मृत्यु दंड की चेतावनी दी गई। रजा पहलवी ने शहरों पर कब्जे की तैयारी का आह्वान किया, अमेरिका ने भी चेतावनी जारी की।

Iran me protest update : ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के खिलाफ पिछले दो हफ्तों में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब देश के अधिकांश हिस्सों में फैल चुके हैं। शुरूआत में ये प्रदर्शन आर्थिक असंतोष और महंगाई के खिलाफ थे, लेकिन जल्द ही इनका स्वर राजनीतिक हो गया और प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक नेतृत्व से सत्ता छोड़ने की मांग करनी शुरू कर दी। इस बीच, ईरान के अपदस्थ शाह के बेटे रजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से शहरों के प्रमुख केंद्रों पर कब्जा करने की तैयारी करने का आह्वान किया है।
ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने सार्वजनिक बयान में चेतावनी दी कि विरोध में शामिल लोगों को ‘अल्लाह का दुश्मन’ माना जाएगा, जिस पर ईरानी कानून के तहत मृत्यु दंड का प्रावधान है। साथ ही, ‘दंगाइयों की मदद करने वालों’ को भी इसी आरोप का सामना करना पड़ सकता है। बयान में कहा गया कि अभियोजन पक्ष को किसी देरी के बिना कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि देश के खिलाफ विश्वासघात और विदेशी प्रभुत्व स्थापित करने वालों के खिलाफ मुकदमे तेज़ी से शुरू किए जा सकें।
अमेरिका में रह रहे रजा पहलवी ने शनिवार (10 जनवरी, 2025) को प्रदर्शनकारियों से कहा कि अब लक्ष्य सिर्फ सड़कों पर प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि ईरान के शहरों के केंद्रों पर कब्जा करना और उन्हें अपने नियंत्रण में रखना है। इस बीच, ईरान की सेना ने भी रणनीतिक बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा का दावा किया और लोगों से देश के दुश्मनों की साजिशों को नाकाम करने का आग्रह किया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी कि तेहरान प्रशासन प्रदर्शनकारियों की हत्या नहीं करे, और यदि ऐसा हुआ तो अमेरिका संभावित कार्रवाई कर सकता है। हालांकि ट्रंप ने फिलहाल रजा पहलवी से व्यक्तिगत रूप से मिलने से इनकार किया, यह संकेत देते हुए कि वह किसी विपक्षी नेता का समर्थन करने से पहले स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं।
सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने शुक्रवार (9 जनवरी, 2026) को एक उग्र भाषण में प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य पीछे नहीं हटेगा और प्रदर्शन में शामिल लोग डोनाल्ड ट्रंप को खुश कर रहे हैं। पिछले दो हफ्तों से चल रहे ये विरोध प्रदर्शन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान पर शासन कर रहे धार्मिक नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुके हैं।
विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में आर्थिक संकट भी है। दिसंबर 2025 के अंत में ईरानी मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गई, जिससे जनता में असंतोष बढ़ा। अमेरिकी संस्था की रिपोर्ट के अनुसार, इन विरोधों के दौरान कम से कम 65 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 2,300 से अधिक को हिरासत में लिया गया है। इंटरनेट भी पूरे देश में ठप है, जिससे सूचना प्रवाह बाधित हुआ है।
ईरान में जारी विरोध और सरकार की सख्ती से देश में राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता बढ़ गई है। प्रदर्शनकारी और धार्मिक नेतृत्व दोनों ही मोर्चे पर सख्त हैं, जिससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय नजरें ईरान पर टिकी हुई हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
