Macron meets Anil Kapoor Manoj Bajpayee : फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा का आगाज़ कूटनीति और कला के एक अद्भुत संगम के साथ किया। अपनी यात्रा के पहले दिन मुंबई में आयोजित एक भव्य दोपहर भोज (लंच) के दौरान, राष्ट्रपति मैक्रों ने भारतीय फिल्म जगत की दिग्गज हस्तियों से मुलाकात की और उन्हें 'लीजेंड्स' (किंवदंती) कहकर संबोधित किया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं था, बल्कि दुनिया के दो सबसे बड़े फिल्म-प्रेमी राष्ट्रों के बीच कलात्मक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इस विशेष सिनेमा-थीम वाले समागम में भारतीय सिनेमा के बहुमुखी अभिनेता अनिल कपूर, मनोज वाजपेयी और प्रसिद्ध निर्देशक जोया अख्तर सहित कई अन्य गणमान्य कलाकार शामिल हुए। राष्ट्रपति मैक्रों ने इन सितारों के साथ न केवल वैश्विक सिनेमा के भविष्य पर चर्चा की, बल्कि स्वतंत्र फिल्मों (Independent Films) को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच फिल्म निर्माण के साझा प्रोजेक्ट्स पर भी गहन विचार-विमर्श किया। चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु यह था कि कैसे कहानियों और सिनेमा के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति (Diplomacy) में सांस्कृतिक सेतु का निर्माण किया जा सकता है।

आयोजन के दौरान, अनिल कपूर ने इस संवाद को अत्यंत 'प्रेरणादायक' बताया और भारत-फ्रांस की साझा कहानियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, अपनी संजीदा अदाकारी के लिए जाने जाने वाले मनोज वाजपेयी ने राष्ट्रपति मैक्रों की आत्मीयता और कहानी कहने की कला (Storytelling) पर उनकी गहरी समझ की प्रशंसा की। उन्होंने उल्लेख किया कि कूटनीति में कथावाचन की गहराई पर इतनी विस्तार से चर्चा होना अपने आप में दुर्लभ और सराहनीय है।



इस कार्यक्रम ने भारत और फ्रांस के बीच उन ऐतिहासिक संबंधों को भी पुनर्जीवित किया है, जो कान फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival) में भारतीय फिल्मों की सराहना के साथ दशकों से चले आ रहे हैं। आधिकारिक स्तर पर, इस संवाद का उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच 'को-प्रोडक्शन' (सह-निर्माण) समझौतों को और अधिक सरल बनाना और दोनों देशों के फिल्म निर्माताओं के लिए सहयोग के नए द्वार खोलना है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम की अतिथि सूची को लेकर कुछ मिश्रित राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और बहस भी देखने को मिली, लेकिन द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों के लिहाज़ से इस आयोजन को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

यह कार्यक्रम इस महत्वपूर्ण संदेश के साथ संपन्न हुआ कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह दो संस्कृतियों को एक-दूसरे के करीब लाने का एक सशक्त माध्यम है। मैक्रों की यह पहल आने वाले समय में न केवल भारतीय कलाकारों को वैश्विक मंच प्रदान करेगी, बल्कि फ्रांस के फिल्म उद्योग के लिए भी भारत की विविधतापूर्ण कहानियों के साथ जुड़ने का एक स्वर्ण अवसर साबित होगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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