पश्चिम एशिया संकट के बीच UAE पहुँचे PM मोदी ; रक्षा से लेकर गैस सप्लाई तक हुए अहम समझौते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने छह दिवसीय पांच देशों के दौरे के पहले चरण में UAE पहुँचकर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, पेट्रोलियम भंडारण, एलपीजी आपूर्ति और 5 अरब डॉलर निवेश समेत कई अहम समझौतों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ईरान-इज़राइल संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संयुक्त अरब अमीरात दौरा रणनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। छह दिन के अपने पांच देशों के दौरे के पहले चरण में शुक्रवार को अबू धाबी पहुँचे प्रधानमंत्री मोदी ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग, रक्षा साझेदारी और निवेश जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी के UAE पहुँचते ही उन्हें विशेष राजकीय सम्मान दिया गया। अबू धाबी एयरपोर्ट पर स्वयं शेख मोहम्मद बिन जायद ने उनका स्वागत किया, जबकि भारतीय प्रधानमंत्री के विमान को अमीरात की सीमा में प्रवेश करते समय UAE के एफ-16 लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट किया। यह स्वागत दोनों देशों के मजबूत रणनीतिक रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि भारत क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने UAE पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र को इस तरह निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। पीएम मोदी ने संकट के दौरान UAE द्वारा अपनाए गए संयम और कूटनीतिक संतुलन की भी सराहना की।
The friendship between India and UAE is very strong! Our nations will keep working together with the aim of building a better future for our planet.@MohamedBinZayed pic.twitter.com/TzjU63GFll
— Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026
गौरतलब है कि अमेरिका और इज़राइल से जुड़े बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने हाल के दिनों में UAE स्थित कुछ रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था। UAE में अमेरिका का एक प्रमुख सैन्य अड्डा भी मौजूद है, जिसके कारण यह क्षेत्रीय संघर्ष का संवेदनशील केंद्र बन गया है। ऐसे समय में भारत द्वारा UAE के साथ खुलकर खड़े होने का संदेश वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद के बीच हुई वार्ता में ऊर्जा सुरक्षा सबसे प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। भारत की रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण कंपनी इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के बीच रणनीतिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, पेट्रोलियम भंडारण क्षमता बढ़ाना और एलएनजी तथा एलपीजी स्टोरेज सुविधाओं में सहयोग बढ़ाना है।
इसके अलावा दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी दोनों देशों के बीच समझौता हुआ, जिससे भारत को भविष्य में स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संभावित बाधाओं के खतरे को देखते हुए यह समझौता भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर भी हस्ताक्षर किए। इस समझौते के जरिए भारत और UAE के बीच सुरक्षा सहयोग को संस्थागत रूप दिया गया है। रक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर अब दोनों देशों के बीच समन्वय और अधिक मजबूत होगा।
समुद्री अवसंरचना के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई। भारत के पश्चिमी तट पर स्थित वाडिनार में एक शिप रिपेयर क्लस्टर विकसित करने के लिए दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही UAE ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में कुल पांच अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और UAE के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुँच रही है और दोनों देश ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में तेजी से सहयोग बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत और UAE की साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक तेल कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात गहराते जा रहे हैं। ऐसे में UAE के साथ हुए ये समझौते न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को भी नई दिशा देंगे। भारत और UAE के बीच बढ़ती यह साझेदारी अब केवल व्यापारिक संबंधों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह क्षेत्रीय भू-राजनीति और वैश्विक कूटनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनती दिखाई दे रही है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
