पीएम मोदी के दौरे से भारत-स्वीडन के बीच ऐतिहासिक रणनीतिक साझेदारी; 40 साल बाद नॉर्वे पहुंचे पीएम मोदी का ओस्लो में प्रधानमंत्री स्टोर ने किया भव्य स्वागत।

India Sweden Strategic Partnership : वैश्विक कूटनीति के पटल पर भारत ने एक बार फिर अपनी मजबूत धमक दिखाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूदा नॉर्डिक देशों के दौरे ने भारतीय विदेश नीति को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। स्वीडन की दो दिवसीय ऐतिहासिक यात्रा के दौरान भारत और स्वीडन ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'पूर्ण रणनीतिक साझेदारी' में बदलने का एक युगांतरकारी फैसला किया है। स्वीडन में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे की राजधानी ओस्लो पहुंच चुके हैं। पिछले 40 से अधिक वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली नॉर्वे यात्रा है, जिसने यूरोपीय महाद्वीप के इस हिस्से में भारत के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित कर दिया है। ओस्लो हवाई अड्डे पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद पीएम मोदी का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया, जो दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते रिश्तों की एक बानगी है।

इस ऐतिहासिक राजनयिक दौरे की शुरुआत स्वीडन से हुई, जहां 17 और 18 मई को प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के बीच गहन द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस बैठक का सबसे बड़ा नतीजा दोनों देशों के बीच पूर्ण रणनीतिक साझेदारी की घोषणा के रूप में सामने आया। इसके तहत दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में आपसी द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान के सात दशमलव सात-पांच बिलियन डॉलर से दोगुना करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस साझेदारी के केंद्र में रक्षा क्षेत्र, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इस दौरे के सांस्कृतिक आयाम भी बेहद अनूठे रहे, जहां गोटेसबर्ग में भारतीय प्रवासियों ने पारंपरिक भरतनाट्यम की प्रस्तुति से समां बांध दिया, वहीं एक स्वीडिश गायक द्वारा महात्मा गांधी के प्रिय भजन 'वैष्णव जन तो' की भावपूर्ण प्रस्तुति ने दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव को अमर कर दिया। यात्रा के सर्वोच्च गौरव के रूप में स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया ने प्रधानमंत्री मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा।

आधिकारिक और तकनीकी मोर्चे पर इस यात्रा ने भविष्य के सहयोग का एक मजबूत खाका तैयार किया है। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने औपचारिक रूप से 'संयुक्त नवाचार साझेदारी 2.0' और एक विशेष 'प्रौद्योगिकी एवं एआई कॉरिडोर' लॉन्च किया। इसके साथ ही दोनों देशों की रणनीतिक प्राथमिकताओं को गति देने के लिए एक व्यापक 'कार्रवाई योजना 2026-2030' को भी मंजूरी दी गई, जो मुख्य रूप से सुरक्षा, आर्थिक विकास, उन्नत तकनीक और सतत विकास पर केंद्रित है। स्वीडन के इस बेहद सफल और रणनीतिक पड़ाव को पूरा कर पीएम मोदी सीधे नॉर्वे के लिए रवाना हुए, जहां का दौरा भारत की नॉर्डिक कूटनीति का अगला सबसे बड़ा अध्याय बनने जा रहा है।

नॉर्वे की धरती पर कदम रखते ही प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऐतिहासिक यात्रा को लेकर अपनी उत्सुकता और प्रतिबद्धता जाहिर की है। ओस्लो में अपने प्रवास के दौरान पीएम मोदी नॉर्वे के महामहिम राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोनजा से शिष्टाचार भेंट करेंगे, जिसके बाद प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ उनकी उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव कल यानी 19 मई को होने वाला तीसरा 'भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन' है। ओस्लो में आयोजित होने वाले इस वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री मोदी को अपने सभी नॉर्डिक समकक्षों के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। चार दशकों के लंबे इंतजार के बाद हो रही यह यात्रा न केवल भारत और नॉर्वे के बीच सहयोग के नए द्वार खोलेगी, बल्कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में नॉर्डिक क्षेत्र के साथ भारत के सामरिक, आर्थिक और कल्पनावश संबंधों को एक अभूतपूर्व मजबूती भी प्रदान करेगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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