‘Very Very Good Toffee!’ मेलोनी को भायी भारत की ‘Melody’ ; जानें 1983 में लॉन्च हुई इस टॉफी की कहानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली दौरे के दौरान जॉर्जिया मेलोनी को भारतीय ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ‘Melodi’ मीम से जुड़ा यह खास पल भारत-इटली रिश्तों की नई मिसाल बन गया। जानिए मेलोडी टॉफी का इतिहास, 1983 में लॉन्च से लेकर भारतीय पॉप कल्चर और अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति तक का सफर।

पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट की
भारत और इटली के रिश्तों में एक बार फिर गर्मजोशी और दोस्ती की झलक देखने को मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को भारत की प्रतिष्ठित ‘मेलोडी’ टॉफी भेंट की। यह साधारण दिखने वाला उपहार देखते ही देखते वैश्विक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और ‘मेलोडी’ अचानक अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में छा गई।
रोम दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने पहले डिनर मीटिंग की और इसके बाद ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा भी किया। इसी दौरान पीएम मोदी ने मेलोनी को भारतीय बच्चों की पसंदीदा टॉफी ‘मेलोडी’ गिफ्ट की। इस पल को मेलोनी ने खुद सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें वह टॉफी को “वेरी, वेरी गुड टॉफी” बताते हुए नजर आईं। वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई और ‘मेलोडी’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई।
Thank you for the gift pic.twitter.com/7ePxbJwPbA
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) May 20, 2026
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की दोस्ती को पिछले कुछ वर्षों से सोशल मीडिया पर ‘मेलोडी’ नाम दिया गया है। यह नाम दोनों नेताओं के सरनेम मोदी और मेलोनी को मिलाकर बनाया गया है। साल 2023 के COP28 सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद ‘Melodi’ शब्द इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगा था। अब उसी लोकप्रिय संदर्भ को पीएम मोदी ने बेहद हल्के लेकिन प्रभावशाली अंदाज में एक वास्तविक ‘मेलोडी’ टॉफी के जरिए यादगार बना दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर ‘Melody chocolate’ और ‘Parle share price’ जैसे शब्द तेजी से ट्रेंड करने लगे। लोगों ने इसे भारतीय सॉफ्ट डिप्लोमेसी का अनोखा उदाहरण बताया, जहां एक छोटी-सी टॉफी ने दोनों देशों की मित्रता को नई चर्चा दे दी। यह पल केवल राजनीतिक मुलाकात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव और जनभावनाओं से भी जुड़ गया।
भारत में ‘मेलोडी’ केवल एक टॉफी नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों की यादों का हिस्सा रही है। पारले प्रोडक्ट्स द्वारा साल 1983 में लॉन्च की गई यह टॉफी भारतीय कन्फेक्शनरी बाजार में एक नए प्रयोग के तौर पर आई थी। उस दौर में चॉकलेट बार बच्चों के लिए महंगी मानी जाती थीं और ज्यादातर बाजार साधारण हार्ड कैंडी से भरा हुआ था। ऐसे समय में पारले ने बच्चों को कम कीमत में ‘चॉकलेट जैसा अनुभव’ देने की योजना बनाई।
Modi ji in Italy 😂😂😂 pic.twitter.com/7XqnYbCLvd
— Incognito (@Incognito_qfs) May 20, 2026
मेलोडी की खासियत इसका अनोखा स्वाद था, जिसमें बाहर से मुलायम कैरेमल की परत और अंदर गाढ़ी चॉकलेट फिलिंग दी गई। शुरुआत में इसे कैडबरी इक्लेयर जैसी स्थापित ब्रांड्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा, लेकिन पारले और उनकी विज्ञापन एजेंसी ने मार्केटिंग की ऐसी रणनीति बनाई जिसने मेलोडी को भारतीय पॉप कल्चर का हिस्सा बना दिया।
“मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है?” यह सवाल भारतीय विज्ञापन इतिहास की सबसे चर्चित टैगलाइन में शामिल हो गया। विज्ञापनों में शिक्षक, कोच और आम लोग हैरानी से यही सवाल पूछते नजर आते थे, जबकि जवाब मिलता था — “मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ।” इस रहस्यमयी और दिलचस्प कैंपेन ने बच्चों से लेकर बड़ों तक हर किसी को आकर्षित किया और मेलोडी धीरे-धीरे भारत की सबसे पहचान वाली टॉफियों में शामिल हो गई।
दशकों तक यह टॉफी देशभर की किराना दुकानों के कांच के जार में दिखाई देती रही और स्कूलों में जन्मदिन बांटने की सबसे लोकप्रिय ट्रीट बन गई। अब वर्षों बाद, वही मेलोडी एक कूटनीतिक मुलाकात के जरिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर चर्चा में है।
रोम में मोदी और मेलोनी की यह मुलाकात केवल राजनीतिक वार्ता तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि सांस्कृतिक प्रतीक और बचपन की यादें किस तरह देशों के बीच रिश्तों को मानवीय और यादगार बना सकती हैं। एक छोटी-सी भारतीय टॉफी ने भारत-इटली संबंधों में मिठास घोलते हुए वैश्विक स्तर पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
