पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने दिल्ली में की शिखर वार्ता। मिडिल ईस्ट संकट पर जताई चिंता और 2028 में फ्रेंडशिप फेस्टिवल की घोषणा। पूरी रिपोर्ट यहाँ।

India-South Korea Summit 2026 news : वैश्विक उथल-पुथल और रणनीतिक बदलावों के बीच भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच हुई शिखर वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने न केवल द्विपक्षीय सहयोग की नई राहें खोलीं, बल्कि दुनिया को शांति और स्थिरता का एक शक्तिशाली संदेश भी दिया। संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के बिगड़ते हालातों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में शांति की बहाली अब केवल क्षेत्रीय आवश्यकता नहीं, बल्कि ग्लोबल सिक्योरिटी और इकॉनमी के अस्तित्व के लिए अनिवार्य शर्त बन चुकी है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ली जे म्युंग का स्वागत करते हुए उनके जीवन को 'संघर्ष, सेवा और समर्पण' का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भले ही यह राष्ट्रपति ली की पहली भारत यात्रा है, लेकिन भारत के प्रति उनका लगाव अटूट है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक जुड़ाव को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि जहाँ भारत में के-पॉप और के-ड्रामा अपनी धाक जमा रहे हैं, वहीं कोरिया में भारतीय सिनेमा की पहचान बढ़ रही है। इसी सांस्कृतिक सेतु को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए साल 2028 में 'भारत-कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल' का भव्य आयोजन किया जाएगा।

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' विजन की सराहना करते हुए भारत को 'ग्लोबल साउथ' का एक निर्विवाद लीडर करार दिया। राष्ट्रपति ली ने कहा कि आठ वर्षों में किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे बड़ी आबादी के रूप में अद्वितीय विकास कर रहा है, वहीं दक्षिण कोरिया चिप-बिल्डिंग, सेमीकंडक्टर और सांस्कृतिक उद्योगों में अपनी वैश्विक नेतृत्व क्षमता का विस्तार कर रहा है। दोनों देशों ने सहमति जताई कि उनकी साझा तकनीकी और आर्थिक शक्तियां वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं।

इस कूटनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण आयाम दक्षिण कोरिया का अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और इंडो-पैसिफिक ओशियन्स इनिशिएटिव (IPOI) से जुड़ना रहा। पीएम मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के साझा प्रयासों से एक शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का निर्माण होगा। राष्ट्रपति ली जे म्युंग की यह यात्रा न केवल सेमीकंडक्टर और व्यापार के मोर्चे पर निर्णायक साबित हुई है, बल्कि इसने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि नई दिल्ली और सियोल अब वैश्विक शांति के पहिए को गति देने के लिए एक-दूसरे के सबसे भरोसेमंद साथी हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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