पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच PM Modi का मिशन अबू धाबी; क्या यह रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय है ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय वार्ता में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और 5 अरब डॉलर के निवेश पर सहमति बनी है।

अबू धाबी में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साथ में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान।
PM Modi Abu Dhabi visit 2026 : दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव और पश्चिम एशिया में मंडराते युद्ध के खतरों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की धरती से एक बड़ा कूटनीतिक संदेश दिया है। अपनी पांच देशों की महत्वपूर्ण यात्रा के पहले पड़ाव पर अबू धाबी पहुंचे पीएम मोदी का स्वागत किसी ऐतिहासिक उत्सव से कम नहीं था। जैसे ही प्रधानमंत्री का विमान यूएई के हवाई क्षेत्र में प्रविष्ट हुआ, यूएई वायुसेना के एफ-16 लड़ाकू विमानों ने उन्हें सुरक्षा घेरे में लेकर एस्कॉर्ट किया। अबू धाबी हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रोटोकॉल तोड़कर स्वयं प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया, जो दोनों देशों के बीच गहराते 'भाईचारे' और रणनीतिक विश्वास का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों पर केंद्र बिंदु रहा। प्रधानमंत्री ने यूएई पर हाल ही में हुए हमलों की सबसे कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे 'अस्वीकार्य' करार दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस कठिन समय में भारत पूरी मजबूती के साथ यूएई के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। पीएम मोदी ने यूएई के नेतृत्व द्वारा दिखाए गए संयम की सराहना करते हुए वैश्विक समुदाय को याद दिलाया कि पश्चिम एशिया में स्थिरता पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को मुक्त और सुरक्षित रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर जोर देते हुए भारत ने शांति बहाली के लिए हर संभव सहयोग का प्रस्ताव दिया है।
इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण आधिकारिक पक्ष द्विपक्षीय समझौतों (MoUs) के आदान-प्रदान में देखने को मिला। भारत की ऊर्जा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए दोनों देशों ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve) और एलपीजी (LPG) आपूर्ति को लेकर अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके अतिरिक्त, यूएई ने भारतीय बुनियादी ढांचे और वित्तीय संस्थानों में 5 अरब डॉलर के विशाल निवेश की घोषणा की है। रक्षा क्षेत्र में भी एक नए 'रणनीतिक रक्षा साझेदारी ढांचे' को मंजूरी दी गई है, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच सैन्य और सुरक्षा सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस यात्रा की सफलता और राष्ट्रपति अल नाहयान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे भारत-यूएई संबंधों का नया स्वर्णिम अध्याय बताया। यह दौरा केवल प्रतीकात्मक नहीं था, बल्कि इसने स्पष्ट कर दिया कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत अपने सबसे विश्वसनीय सहयोगियों के साथ मिलकर एक नया 'पावर ब्लॉक' खड़ा कर रहा है। अबू धाबी की इस सरजमीं से पीएम मोदी ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब केवल एक दर्शक नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता का एक सक्रिय भागीदार है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
