पाकिस्तान का नया बखेड़ा: आईसीसी को बताया 'BCCI की कठपुतली'; नजम सेठी ने उगला भारत के खिलाफ जहर
पूर्व PCB अध्यक्ष नजम सेठी ने ICC को 'इंडियन क्रिकेट काउंसिल' बताकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने और स्कॉटलैंड के शामिल होने पर भड़के सेठी ने आरोप लगाया कि ICC को पूरी तरह BCCI चला रहा है। जानें क्यों पाकिस्तान ने दी वर्ल्ड कप बहिष्कार की धमकी और क्या है मोहसिन नकवी और शहबाज शरीफ का इस पर अंतिम फैसला। क्रिकेट जगत की इस सबसे बड़ी कूटनीतिक जंग की पूरी रिपोर्ट।

T20 World Cup 2026 : : वैश्विक क्रिकेट के गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व अध्यक्ष नजम सेठी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की निष्पक्षता पर सीधा हमला बोल दिया। सेठी ने न केवल आईसीसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, बल्कि संस्था को 'इंडियन क्रिकेट काउंसिल' तक कह डाला। तीन बार पीसीबी की कमान संभाल चुके सेठी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आयोजन और टीम भागीदारी को लेकर कूटनीतिक तनाव चरम पर है। यह विवाद आईसीसी के उस फैसले के बाद भड़का है, जिसमें बांग्लादेश को स्कॉटलैंड से रिप्लेस करने का निर्णय लिया गया था।
नजम सेठी ने दावा किया कि आईसीसी पूरी तरह से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के प्रभाव में काम कर रही है। 'टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट' को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड होने के नाते बीसीसीआई अंतरराष्ट्रीय नीतियों को अपने पक्ष में मोड़ने की क्षमता रखता है। सेठी ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की नैतिकता तभी बहाल हो सकती है जब अन्य देश एकजुट होकर आईसीसी को उसकी 'इंटरनेशनल' पहचान की याद दिलाएं।
विवाद की मुख्य वजहें और कूटनीतिक घटनाक्रम :
वर्ल्ड कप बॉयकॉट की सुगबुगाहट: बांग्लादेश द्वारा टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बहिष्कार के बाद नजम सेठी ने पाकिस्तान को भी इसी राह पर चलने का समर्थन दिया है। उनका तर्क है कि अगर पाक टीम पीछे हटती है, तो आईसीसी के राजस्व और लोकप्रियता पर गहरा असर पड़ेगा।
मोहसिन नकवी का रुख: वर्तमान पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इस मुद्दे को सीधे तौर पर राष्ट्रीय सम्मान से जोड़ दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तानी टीम वर्ल्ड कप में शिरकत करेगी या नहीं, इसका अंतिम फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा लिया जाएगा।
संस्थागत पक्षपात का आरोप: सेठी का मानना है कि बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर करने का निर्णय खेल भावना के विपरीत था और इसमें बड़े बोर्डों के व्यावसायिक हितों का ध्यान रखा गया।
इस पूरे प्रकरण ने क्रिकेट की दुनिया को दो धड़ों में बांट दिया है। जहां एक तरफ बीसीसीआई और आईसीसी अपनी नीतियों को खेल के विकास के लिए आवश्यक बता रहे हैं, वहीं पाकिस्तान इसे 'क्रिकेट की तानाशाही' करार दे रहा है। कानूनी और आधिकारिक दृष्टिकोण से देखें तो आईसीसी के पास टीम भागीदारी को लेकर विशेषाधिकार हैं, लेकिन पाकिस्तान की ओर से 'बहिष्कार' की धमकी ने टूर्नामेंट के ब्रॉडकास्टर्स और प्रायोजकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
लेख के समापन पर यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि नजम सेठी का यह 'जहरीला' प्रहार केवल एक बयान नहीं, बल्कि क्रिकेट की महाशक्तियों के बीच छिड़े 'शीत युद्ध' का हिस्सा है। यदि पाकिस्तान और अन्य सहयोगी देश इस मोर्चे पर लामबंद होते हैं, तो आने वाले समय

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
