पाकिस्तान की डबल गेमिंग; ट्रंप की तारीफ vs चीन से दोस्ती!
पाकिस्तान ने दोहराया कि चीन उसका भरोसेमंद सहयोगी है। अमेरिका के साथ बढ़ती निकटता भी चीन के साथ रिश्तों को कमजोर नहीं करेगी।

पाकिस्तान में विदेश नीति के मसलों पर दोहरी रणनीति साफ नजर आ रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रभावित करने में जुटे हैं, हाल ही में दोनों की व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई। वहीं, रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने चीन को पाकिस्तान का सबसे भरोसेमंद दोस्त करार देते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते गहरे और टिकाऊ हैं। ये घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि पाकिस्तान एक ही समय में अमेरिका और चीन दोनों के साथ अपनी कूटनीतिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है। आईए जानते है क्या है ये राजनितिक कूटनिति।
ब्रिटिश-अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन से बातचीत के वक्त आसिफ ने बताया की, "चीन पाकिस्तान का भरोसेमंद और हथियारोंका मुख्य स्त्रोत है। पाकिस्तान का विमानों, पनडुब्बियों और अन्य हथियारों का बड़ा हिस्सा चीन से आता है. हमारे लिए चीन की विश्वसनीयता और पड़ोसी होने का महत्व अन्य देशों की तुलना में ज्यादा है."
पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका के साथ देश के रिश्तों को ‘लेन-देन या फ्लर्टिंग’ जैसी तुलना देते हुए कहा कि अमेरिका के साथ निकटता कितनी भी बढ़ जाए, चीन पाकिस्तान का सबसे भरोसेमंद और स्थायी सहयोगी बना रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चीन विश्वसनीय होने के साथ-साथ पाकिस्तान का पड़ोसी भी है, इसलिए उसके साथ रिश्तों की स्थायित्व और गहराई अलग स्तर की है।
हाल ही में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच “स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट” पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस समझौते के तहत किसी भी हमले को दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। यह समझौता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सऊदी दौरे के दौरान सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इसके अलावा, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में होने जैसी घटनाओं पर भी आसिफ ने बातचीत की, जिससे पाकिस्तान की आंतरिक और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर असर पड़ने की संभावना जताई गई।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हाल ही में व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ट्रंप की जमकर प्रशंसा की। शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप को ‘शांति के पुरुष’ बताते हुए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने का सुझाव दिया। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार, कश्मीर विवाद के दौरान पाकिस्तान की ओर से उठाए गए कदमों में ट्रंप या शरीफ की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी, लेकिन पाकिस्तान की यह पहल अमेरिका के साथ संबंध मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखी जा रही है।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
