भारत- पाकिस्तान के बढ़ते संघर्ष को देखते हुए पाकिस्तान अपनी नई नई चाले चल रहा है। इसी कारणवश अब अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते में कुछ मिठास छाई नजर आ रही है। हर बार की तरह ट्रंप 'दो लड़े तीसरा ले उड़े' इस मुहावरे के तरह बरताव करते है। इस बार भी अमेरिका ने कुछ ऐसा ही किया है, जिससे वैश्विक राजनीती में बड़े बदलाव की शक्यता हो सकती है। यह बात कई बार साबित भी हो चुकी है। जैसे कई बार पाक के PM शाहबाज शरीफ ने सार्वजनिक रूप में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफे की, पाक के सेना प्रमुख मुनीर ने भी ट्रंप के संग डिनर किया, साथ ही "रेयर अर्थ वाली डील" (Rare Earth Mineral Deal) भी हो चुकी है। इन जैसे ट्रंप चापलूसी का पाकिस्तान को इनाम मिलने जा रहा है। इनाम के तौरपर उन्हें अमेरिका से जल्द ही AIM-120 एडवांस्ड मीडियम-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (AMRAAM) मिलने वाला है। तो चलिए जानते है इस पुरे मामले को विस्तार से।


U.S. War Department से एक आधिकारिक प्रेस विज्ञापित की गई है। जिसमे अमेरिका ने अपने हथियार सौदे में पाकिस्तान का नाम सैन्य उपकरण बेचने के यदि में शामिल किया हुआ नजर आ रहा है। अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को मिलने वाली AIM-120 AMRAAM मिसाइलें उसकी हवाई ताकत को बढ़ावा दे सकती है। ये मिसाइलें हवा से हवा में मार करने वाली अत्याधुनिक तकनीक से बनी हैं, जो दुश्मन के विमान को लंबी दूरी से निशाना बना सकती हैं। फिलहाल पाकिस्तान के पास इसका पुराना C5 वर्जन है, लेकिन नई डील में उसे C8 और D3 जैसे एडवांस मॉडल मिलने वाले हैं, जिनकी रेंज और सटीकता पहले से कहीं ज्यादा है।

AIM-120D-3 मिसाइल AMRAAM परिवार का सबसे आधुनिक और स्मार्ट वर्जन मानी जाती है। इसे “बियॉन्ड विजुअल रेंज” यानी दृश्य सीमा से बाहर दुश्मन के फाइटर जेट या मिसाइल को गिराने के लिए तैयार किया गया है। यह मिसाइल F-16 फाल्कन फाइटर जेट्स पर लगाई जाती है और पलभर में हवा में मौजूद खतरे का जवाब देने में सक्षम है। बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद 2019 की हवाई झड़प में पाकिस्तान ने पहली बार इस मिसाइल का इस्तेमाल किया था।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नई AMRAAM मिसाइलें पाकिस्तान की वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता को कई गुना बढ़ा देंगी। इससे उसके F-16 विमानों को अधिक सटीकता और दूरी से वार करने की क्षमता मिलेगी। पाकिस्तान लंबे समय से इस डील के लिए कोशिश कर रहा था ताकि पुराने मिसाइल सिस्टम को बदलकर अपनी हवाई सीमाओं की निगरानी और रक्षा को और मजबूत किया जा सके।


पाकिस्तान को पुराने AIM की डिलवरी २०१० के दौरान हुई थी। जिसमे F - 16 ब्लॉक के 52 विमानों के साथ मिली थी। उसके बाद पाकिस्तान में अभी के नए मिसइलों को लेकर बेचैनी बढ़ी थी। यह बेचैनी भारत अपने हवाई अड्डे का आधुनिकीकरण शुरू हुआ था और ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही बढ़ी हुई नजर आई थी।



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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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