Pakistan Oil Crisis 2026 : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच भड़की युद्ध की चिंगारी ने अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया है। खाड़ी देशों में जारी भीषण तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई चेन चरमरा गई है, जिसका सीधा और घातक असर पाकिस्तान पर पड़ा है। देश में ईंधन की भारी किल्लत के चलते सरकार ने 'लॉकडाउन' जैसी आपातकालीन स्थितियों का ऐलान कर दिया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्र को आगाह करते हुए कहा है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतें बेकाबू हो सकती हैं, जिससे देश एक बड़े आर्थिक संकट में फंस सकता है।

आपातकालीन नीतियां : थम गए पहिए, बंद हुए स्कूल

ईंधन की खपत कम करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने कड़े और कड़वे फैसलों की घोषणा की है। तेल संकट से निपटने के लिए पूरे देश में 'वर्क फ्रॉम होम' पॉलिसी लागू कर दी गई है और सभी स्कूलों को आगामी दो सप्ताह के लिए बंद रखने का आदेश दिया गया है। सरकारी कामकाज को सीमित करते हुए दफ्तरों को अब सप्ताह में केवल चार दिन ही खोला जाएगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान खाड़ी देशों से तेल आयात पर निर्भर है और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर के पार जाना एक 'आर्थिक सुनामी' के समान है।

खर्चों में कटौती : मंत्रियों और सांसदों पर गिरी गाज :

संकट की इस घड़ी में सरकार ने सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के लिए महत्वपूर्ण 'बचत योजना' पेश की है। इसके तहत प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर भारी कटौती की गई है:

  • ईंधन भत्ता : सरकारी वाहनों के लिए ईंधन भत्ते में 50 प्रतिशत की भारी कटौती की गई है। आगामी दो महीनों तक सरकारी विभागों के 60 प्रतिशत वाहन सड़कों पर नहीं उतरेंगे।
  • वेतन कटौती : मंत्रिमंडल के सदस्य और सलाहकार अगले दो महीनों तक वेतन नहीं लेंगे। वहीं, सांसदों के वेतन में 25 प्रतिशत की कटौती का फैसला लिया गया है।
  • अधिकारियों पर प्रभाव : ग्रेड 20 से ऊपर के वे अधिकारी जिनका वेतन 3 लाख रुपये से अधिक है, उनके वेतन से दो दिन की राशि काटी जाएगी।

कूटनीतिक रुख और ईरान पर हमले की निंदा :

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का कारण बने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्र की शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कूटनीति के जरिए तनाव कम करने का प्रयास कर रहा है। इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 10 दिनों से जारी भीषण संघर्ष ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। पीएम ने स्वीकार किया कि जनता पर बढ़ता महंगाई का बोझ सरकार के लिए चिंता का विषय है, लेकिन स्थिर अर्थव्यवस्था के लिए ये कठोर निर्णय अनिवार्य थे।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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