Pakistan SAARC allegation : दक्षिण एशिया के सबसे पुराने क्षेत्रीय संगठन SAARC के भविष्य को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारतीय नीतियों के कारण यह संगठन लगभग निष्क्रिय हो गया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अन्दराबी ने कहा कि भारत लगातार SAARC प्रक्रिया को रोकता रहा है और इसी कारण संगठन अपनी वास्तविक भूमिका निभाने में असमर्थ है। उन्होंने दावा किया कि भारत अक्सर यह प्रचार करता है कि SAARC इसलिए आगे नहीं बढ़ पा रहा क्योंकि शिखर सम्मेलन इस्लामाबाद में होना था, जबकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ।

विश्लेषकों के अनुसार, पिछले दशकों से SAARC की बैठकें बाधित रही हैं, जिसमें 2014 का काठमांडू शिखर सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मोड़ था। इसके बाद से अपेक्षित बैठकों में देरी और रुकावटें देखने को मिली हैं, जिसका मुख्य कारण भारत-पाकिस्तान के बिगड़ते कूटनीतिक रिश्तों को माना जाता है।

पाकिस्तान अब बांग्लादेश और चीन के साथ मिलकर दक्षिण एशिया के लिए एक नया Regional Group बनाने की योजना पर काम कर रहा है। यह कदम भारतीय प्रभाव को कम करने और क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है। बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने भी संकेत दिया कि ढाका इस नए समूह की संभावना पर विचार कर रहा है।

भारत ने इस बयान पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पूर्व में भारत यह कहता रहा है कि सीमा पार आतंकवाद और अस्थिरता के कारण SAARC की गतिविधियाँ प्रभावित हुई हैं। भारत का मानना है कि क्षेत्र में स्थिरता और शांति पहले सुनिश्चित की जानी चाहिए, तभी SAARC की नई बैठक संभव हो सकती है।

SAARC में कुल आठ सदस्य देश शामिल हैं—भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, मालदीव, श्रीलंका और अफगानिस्तान। एक समय यह मंच दक्षिण एशिया की साझा आवाज माना जाता था, लेकिन लगातार राजनीतिक तनाव और द्विपक्षीय मतभेदों ने इसे पिछले दशक में लगभग निष्क्रिय बना दिया है। इस बीच पाकिस्तान का नया कूटनीतिक प्रयास और चीन-बांग्लादेश के साथ गठबंधन, SAARC के भविष्य और क्षेत्रीय संतुलन को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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