IMF के सामने पाकिस्तान ने फैलाए हाथ ; फिर भी नहीं मिली मेहरबानी
पाकिस्तान ने IMF से बाढ़ को राहत पैकेज में शामिल करने की अपील की, लेकिन संस्था ने पुरानी शर्तों पर अड़ा रुख अपनाया। सूत्रों के मुताबिक, समीक्षा सिर्फ बाढ़ से पहले तय किए गए आर्थिक लक्ष्यों पर ही आधारित होगी।

पाकिस्तान में हुई कुछ घटनाओं के वजह से पकिस्तान की अर्थव्यवस्था अब तक बौखलाई हुई नजर आ रही है। ऐसे में ही अब पाक ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कर्जे की मांग की है। पाकिस्तान की अर्थ व्यवस्था ठीक न होने के वजह से वह अबतक पुराना कर्जा नहीं भर पाए है। आज भी पाकिस्तान गरीबी , भूखमरी और आर्थिक संकट एवं परिस्थितियों से झुंज रहे है। इसी बात को लेकर IMF ने पाकिस्तान में अपना मिशन शुरू किया है। जिससे यह देखा जायेगा की पाक की अर्थव्यवस्था में कुछ सुधार होता है या नहीं। अगर नहीं होता है तो उन्हें कर्जा देना है की नहीं इसपर IMF विचारमंथन करेगी। अगर इस मिशन के दौरान पाक की अर्थव्यवस्था में सुधार आता है, तो ही उसे कर्जा दिया जायेगा। तो आईये जानते है क्या है यह मामला।
30 सितंबर 2025 को पाकिस्तान और अंरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF ) के बिच एक अहम बैठक हुई। इसकी जानकारी पाकिस्तान के अख़बार 'द डॉन' के माध्यम से मिली है। इस में 7 अरब डॉलर एफ ऋण और 1.1 अरब डॉलर की RSF की सुविधा को क्रियन्वित करने के बारे में चर्चा हुई। इस लिए एक संघ पीठ की स्थापना की गई है जिसका नेतृत्व ईवा पत्रोदा कर रही है। इस बैठक में पाकिस्तान के वित्तमंत्री मोहम्मद औरंगजेब के साथ साथ स्टेट बैंक के गवर्नर, वित्त सचिव और एफबीआर प्रमुख भी मौजूद थे।
IMF की यह समीक्षा ऐसे समय में हो रही है जब 2025 के जून तक पाकिस्तान का आर्थिक प्रदर्शन अहवाल (इकोनॉमिक परफॉर्मेंस रिपोर्ट ) एवरेज रहा है। IMF मिशन लगभग दो हफ्ते पाकिस्तान में रहेगा और इस दौरान पाक के अर्थ व्यवस्था की पूरे गहराई से जांच करेगी। पाक ने IMF को निवेदन किया था की हल ही में आई बाढ़ को भी इस मिशन में शामिल किया जाए परंतु CMF ने साफ साफ मन करते हुए पूर्वनिर्धारित घटकों के ही आधार पर यह प्रणाली काम करेगी।
सूत्रों के मुताबिक, IMF ने संकेत दिया है कि जून 2025 तक के आर्थिक प्रदर्शन को ही आधार माना जाएगा और सरकार को इन्हीं आंकड़ों पर जवाब दिया जाएगा। हालांकि, बाढ़ से जुड़ी स्थितियों पर सहानुभूति जताते हुए यह बताया है कि भविष्य में पाक के कर्जेपर राहत या छूट पर विचार किया जायेगा। अगर इन कुछ दिनों में पाक की अर्थव्यवस्था सकारात्मक रही, तो पाकिस्तान को अगले महीने लगभग 1 अरब डॉलर की अगली किश्त मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इससे पहले IMF ने पाक को इस साल के मई में ही एक अरब डॉलर का कर्जा दिया था। यह देते वक्त IMF ने पाक के सामने कुछ शर्ते राखी थी जिसमे कार्बन लेवी भी शामिल था। इस के आलावा बिजली बिल, पानी इनके शुल्कों में बदलाव को लेकर कई स्तरों पर सुधार की शर्ते भी लागु की थी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
