पाकिस्तान-बांग्लादेश में लड़ा 'आसमानी' इश्क: 14 साल बाद कराची में उतरा ढाका का जहाज; क्या बदलेगा दक्षिण एशिया का भूगोल?
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच 14 साल बाद बहाल हुई सीधी हवाई सेवा! ढाका से कराची पहुंची पहली नॉन-स्टॉप फ्लाइट का हुआ ऐतिहासिक स्वागत। 2012 के बाद शुरू हुई इस सेवा से न केवल सफर आसान होगा, बल्कि दोनों देशों के व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों में भी बड़ा बदलाव आएगा। जानिए इस ऐतिहासिक उड़ानों का पूरा शेड्यूल और सियासी मायने।

Pakistan Bangladesh Relations : दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक दशक से अधिक समय से जमी बर्फ आखिरकार पिघल गई है। एक ऐतिहासिक और रणनीतिक घटनाक्रम में, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सीधी हवाई सेवा को फिर से बहाल कर दिया गया है। गुरुवार की आधी रात जब ढाका से उड़े विमान ने कराची के जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे को छुआ, तो यह केवल एक लैंडिंग नहीं, बल्कि दो देशों के बीच संबंधों के एक नए अध्याय का आधिकारिक आगाज था।
वॉटर सैल्यूट से स्वागत: 2012 के बाद पहली सीधी उड़ान
वर्ष 2012 में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव के कारण निलंबित की गई यह हवाई सेवा अब एक नई सकारात्मकता के साथ लौटी है। बांग्लादेश की सरकारी एयरलाइंस के विमान का कराची में पारंपरिक 'जल-सलामी' (Water Salute) देकर भव्य स्वागत किया गया।
- ऐतिहासिक क्षण: ढाका में उद्घाटन समारोह के दौरान पाकिस्तान के उच्चायुक्त इमरान हैदर और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने इस मार्ग की कूटनीतिक अहमियत को स्पष्ट कर दिया।
- फ्लाइट शेड्यूल: फिलहाल सप्ताह में दो दिन (गुरुवार और शनिवार) उड़ानें संचालित होंगी। ढाका से रात 8 बजे प्रस्थान कर विमान 11 बजे कराची पहुंचेगा, जबकि वापसी की उड़ान आधी रात के बाद संचालित की जाएगी।
- समय और खर्च की बचत: अब तक यात्रियों को दुबई या दोहा होकर लंबी यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन अब यह सफर महज कुछ घंटों में सिमट जाएगा।
शेख हसीना के बाद बदली फिजा: कूटनीतिक गलियारों में हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद से ही दोनों मुल्कों के बीच रिश्तों में गर्माहट आने लगी थी। तत्कालीन शेख हसीना सरकार ने 2012 में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उड़ानों पर रोक लगाई थी। हालांकि, अगस्त 2025 में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार के ढाका दौरे ने इस जमी हुई कूटनीति को गति दी, जिसके परिणामस्वरूप नागरिक उड्डयन विभाग ने 30 मार्च तक उड़ानों के संचालन की अनुमति प्रदान की है।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा नया पंख :
इस सीधी कनेक्टिविटी का असर केवल उड़ानों तक सीमित नहीं रहेगा। द्विपक्षीय व्यापार, पर्यटन और 'पीपल-टू-पीपल' कॉन्टैक्ट में इस कदम से भारी उछाल आने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह एयर कनेक्टिविटी दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन और क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में एक बड़ा 'गेम चेंजर' साबित हो सकती है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
