पाकिस्तान एयर-स्ट्राइक; ली अपने ही नागरिकों की जान
आतंकवादियों को निशाना बना रही फाइटर जेट ने, पाकिस्तान ने साधारण नागरिकों पर हमला किया। सरकारी अधिकारी कोई भी बयान देने के लिए राज़ी नहीं।

पाकिस्तान एयरफोर्स JF-17 फाइटर जेट्स ने खैबर पख्तूनख्वा इलाके की तिराह घाटी में कुछ जगहों पर हवाई हमले किए। दावा किया जा रहा है कि ये हमले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के अड्डों पर किए गए थे। इस हमले में करीबन 23-30 साधारण नागरिकों की मृत्यु हुई, जिनमें से ज़्यादातर तर महिलाएँ और बच्चे थे। इनके अलावा बहुत से पाकिस्तानी नागरिक घायल भी हुए।
पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों ने इस बात का समर्थन किया कि ये हमले TTP के मेम्बर्स मसूद खान और अमन गुल को निशाना बनाने के लिए किए गए थे। पर इस बात की पुष्टि न तो पाकिस्तानी सरकार ने की, और न ही पाकिस्तानी सैन्य बलों ने। इस हमले में करीबन 8 LS-6 प्रिसिशन गाइडेड बमों का प्रयोग किया गया। उद्देश्य ये था कि TTP के जितने भी आतंकी अपने परिवार समेत इन इलाकों में रहते होंगे, हमले के तुरंत बाद उनके घर नष्ट हो जाएंगे।
AFP के साथ एक बयान में पेशावर के एक पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी ने नागरिकों की मृत्यु की संख्या बताई। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का ये मानना है कि विस्फोट आतंकवादियों के घर में रखे बम बनाने की सामग्री के कारण हुआ। लेकिन घटनास्थल पर मौजूद गवाहों के बयान से कोई और ही बात बताई जा रही है। गवाहों के मुताबिक विस्फोट फाइटर जेट से गिराए गए 8 बमों के कारण हुआ, और इस दावे का प्रमाण देते हुए सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।
सोशल मीडिया जैसे X (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर लोगों ने मृत बच्चों की, मलबे में धसे घरों की तसवीरें साझा की हैं। नागरिकों के भीतर आक्रोश है, यूज़र्स का कहना है कि यह हमला पश्तून के नागरिकों पर अत्याचार है। कुछ पोस्ट में लोगों का मानना है कि यह हमला आतंकियों ने नहीं, पश्तून के नागरिकों को निशाना बना के किया है। कई लोगों ने इस घटना की पूर्ण रूप से जाँच की माँग की है।
सरकार और सुरक्षा अधिकारियों के चुप रहने से, ये माना जा रहा है कि इस पूरी घटना को, और इसके पीछे के आरोपियों की पहचान को छुपाया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि ऐसे हादसे आतंकवादियों को और बढ़ावा दे सकते हैं, TTP में शामिल होने के लिए। जिसके चलते पाकिस्तान की सुरक्षा पर हानि पहुँच सकती है।
रीजनल डायरेक्टर ऑफ़ साउथ एशिया इसाबेले लास्से ने, इस घटना को मद्दे नज़र रखते हुए बयान दिया की, "पाकिस्तानी अधिकारी खैबर पख्तूनख्वा में साधारण नागरिकों की जान की सुरक्षा में विफल रहे हैं।"

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
