२६ सितंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में संबोधन किया। इस सभा में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की। ओपरेशन सिंदूर को लेकर कुछ गिद्धड़भबकी के आलावा जूठे दावे भी की। कोई विशेष प्रासंगिक बात वे कर नहीं सके।


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर ऑपरेशन सिंदूर के समय ट्रंप ने दखल नहीं दिया होता, तो दक्षिण एशिया में भयानक युद्ध छिड़ सकता था। शरीफ ने यहां तक दावा किया कि पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है और इसे उन्होंने एक छोटा-सा सम्मान बताया। उनके मुताबिक, ट्रंप ने सीजफायर कराने में बड़ी भूमिका निभाई।

शरीफ ने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान बेहतर स्थिति में था, लेकिन अमेरिकी दबाव के कारण उसे रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत के सात जेट मार गिराए थे। हालांकि, उनके इन दावों पर किसी तरह का अंतरराष्ट्रीय प्रमाण सामने नहीं आया है। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने ऐसे विवादित बयान दिए हों।

अपने भाषण में शरीफ ने भावुकता का सहारा लेते हुए एक मासूम बच्चे की मौत का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह फिलिस्तीन में सात साल की बच्ची हिंदरजाब की मौत हुई, उसी तरह पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक छह साल का बच्चा मारा गया। शरीफ ने दुख जताते हुए कहा – “हमने भी छोटे-छोटे ताबूत अपने कंधों पर उठाए हैं, और ये ताबूत सबसे भारी होते हैं।”

हालांकि, इस भावनात्मक अपील के बीच शरीफ ने एक बार फिर वही पुराना राग अलापा। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत कुरान की आयत से की और भारत पर तीखे हमले किए। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच से बचने का आरोप भारत पर लगाया और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाकर कहा कि भारत पानी रोककर पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध की साजिश कर रहा है। साथ ही, उन्होंने कश्मीर के मुद्दे को दोहराते हुए जनमत संग्रह की मांग की और दावा किया कि पाकिस्तान हर हाल में कश्मीरियों के साथ खड़ा रहेगा।


शरीफ ने आतंकवाद की निदा करते हुए पिछले २ दशकों में ९०,००० जाने खोई ऐसा कहा। उन्होंने आगे बहोत गंभीर आरोप करते हुए कहा की पाक में आतंक पनपने में भारत और कुछ अन्य देशों का भी हात है। इसे अधिक स्पष्ट करने के लिए उन्होंने टीटीपी, बीएलए और 'फितना-ए-हिंदुस्तान' जैसी आतंकी संगठनों का नाम भी लिया है।



Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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