जापान के पास गिरीं उत्तर कोरियाई मिसाइलें ; क्या North Korea शुरू करेगा एक और नया महायुद्ध?
उत्तर कोरिया ने लगातार दूसरे दिन कई बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर जापान के पास समुद्र में गिराया, जिससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों में सुधार की उम्मीदों को झटका लगा है और यह कदम संयुक्त राष्ट्र नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।

उत्तर कोरिया द्वारा वॉनसन क्षेत्र से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है, जब North Korea ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन कई बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी। ये परीक्षण ऐसे समय पर हुए हैं जब South Korea के साथ संबंधों में सुधार की उम्मीदें जताई जा रही थीं, जिन्हें अब बड़ा झटका लगा है।
दक्षिण कोरिया की संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के अनुसार, बुधवार दोपहर लगभग 2:20 बजे Wonsan क्षेत्र से एक और अज्ञात मिसाइल दागी गई, जो देश के पूर्वी समुद्री क्षेत्र की ओर बढ़ी। इससे पहले भी उसी दिन सुबह इसी इलाके से कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की गई थीं। इन मिसाइलों ने लगभग 240 किलोमीटर की दूरी तय की। दक्षिण कोरिया और United States की संयुक्त एजेंसियां इन परीक्षणों का विस्तृत विश्लेषण कर रही हैं।
इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी Pyongyang के पास से एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की गई थी, जो उड़ान के शुरुआती चरण में असामान्य व्यवहार दिखाते हुए पूर्व दिशा में बढ़ने के बाद अचानक गायब हो गई। दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी Yonhap ने सैन्य अधिकारियों के हवाले से इसकी पुष्टि की है।
इन परीक्षणों का असर Japan पर भी देखा गया। जापान के कोस्ट गार्ड के अनुसार, एक मिसाइल लॉन्च के करीब 10 मिनट बाद समुद्र में गिर गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई भी मिसाइल जापान के क्षेत्रीय जल या विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में प्रवेश नहीं कर पाई और न ही किसी प्रकार का नुकसान हुआ। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव Minoru Kihara ने कहा कि प्योंगयांग की ये गतिविधियां क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटनाक्रम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उन प्रस्तावों का स्पष्ट उल्लंघन है, जो उत्तर कोरिया को बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों से रोकते हैं। वर्ष 2026 में यह उत्तर कोरिया का चौथा, पांचवां और छठा मिसाइल परीक्षण माना जा रहा है, जबकि इससे पहले जनवरी में दो और मार्च में एक परीक्षण किया जा चुका है।
विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया इन परीक्षणों के जरिए ठोस ईंधन (सॉलिड-फ्यूल) आधारित मिसाइल तकनीक को विकसित कर रहा है, जिससे मिसाइलों को तेजी से लॉन्च किया जा सके और उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाए। साथ ही यह कदम क्षेत्रीय तनाव के बीच अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन और अमेरिका-दक्षिण कोरिया संयुक्त सैन्य अभ्यासों के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है।
इस बीच, उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी Jang Kum Chol ने एक सख्त बयान में कहा कि दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों में किसी भी प्रकार के सुधार की उम्मीद ‘कल्पना मात्र’ है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया, जिसे आधिकारिक तौर पर ROK कहा जाता है, उत्तर कोरिया के लिए ‘सबसे शत्रुतापूर्ण दुश्मन’ बना रहेगा और यह स्थिति किसी भी परिस्थिति में नहीं बदलेगी। यह बयान उस समय आया जब इससे एक दिन पहले उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae Myung के एक बयान की सराहना की थी, जिसमें उन्होंने ड्रोन घुसपैठ को लेकर खेद व्यक्त किया था।
लगातार हो रहे इन मिसाइल परीक्षणों ने न केवल कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव को बढ़ा दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने भी एक गंभीर सुरक्षा चुनौती खड़ी कर दी है। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां यह संकेत दे रही हैं कि निकट भविष्य में हालात और अधिक जटिल हो सकते हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
