नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 29 अक्टूबर को होगी फुल-स्केल मॉक ड्रिल
विमान हादसे जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियां अभ्यास में लेंगी हिस्सा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 29 अक्टूबर को आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल होगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर पर विमान हादसे जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 29 अक्टूबर को फुल-स्केल इमरजेंसी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और अग्निशमन विभाग समेत विभिन्न एजेंसियां हिस्सा लेंगी। विमान दुर्घटना की काल्पनिक स्थिति के आधार पर राहत एवं बचाव कार्यों, आपातकालीन व्यवस्थाओं और विभागों के बीच समन्वय की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा।
मॉक ड्रिल के दौरान एयरपोर्ट की आपातकालीन योजना सक्रिय की जाएगी। इसका उद्देश्य किसी बड़ी विमानन दुर्घटना के समय संबंधित एजेंसियों की तैयारियों, संचार व्यवस्था, आपसी तालमेल और आवश्यक संसाधनों को तत्काल जुटाने की क्षमता की जांच करना है। अभ्यास में यह भी परखा जाएगा कि आपात स्थिति में विभिन्न विभाग किस तरह समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव अभियान चलाते हैं।
मॉक ड्रिल की तैयारियों के तहत 12 अक्टूबर को एयरपोर्ट परिसर में टेबलटॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई थी। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर आपात स्थिति में अपनी-अपनी भूमिका, जिम्मेदारियों और समन्वय व्यवस्था पर चर्चा की थी। इसका उद्देश्य संबंधित एजेंसियों को एयरपोर्ट की आपातकालीन योजना के प्रति तैयार करना और संकट की स्थिति में कार्रवाई की प्रक्रिया की समीक्षा करना था। इसके बाद अब 29 अक्टूबर को पूर्ण स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की तैयारियों के बीच आपातकालीन व्यवस्थाओं का परीक्षण भी किया जा रहा है। एयरपोर्ट प्रबंधन विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लेगा। इस दौरान यह आकलन किया जाएगा कि विमान हादसे जैसी स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित निकालने, घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और राहत एवं बचाव अभियान चलाने के लिए संबंधित एजेंसियां कितनी तत्परता से काम कर सकती हैं।
करीब एक महीने पहले, 20 सितंबर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जयपुर के लिए उड़ान भरने वाले इंडिगो के विमान को तकनीकी खराबी के कारण तुरंत रनवे पर उतारना पड़ा था। तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को इसकी सूचना दी थी। किसी तरह का हादसा होने से पहले ही विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा दी गई थी। इसी तरह की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारियों को जांचने के लिए मॉक ड्रिल की जा रही है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की एडीसीपी पूनम ने बताया कि आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मॉक ड्रिल की जाएगी। इसमें विभिन्न विभाग शामिल होंगे और उनकी तैयारियों को परखा जाएगा। एयरपोर्ट थाने की पुलिस बल इसमें मौजूद रहेगी। जरूरत पड़ने पर अन्य थानों से भी पुलिस बल बुलाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में संपन्न होगी।
जेवर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सर्फे जेया ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से जरूरी चिकित्सा सुविधाओं और एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। विभाग की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी किसी तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार रहेगा।
29 अक्टूबर को होने वाली यह मॉक ड्रिल एयरपोर्ट पर आपातकालीन प्रतिक्रिया, यात्रियों की सुरक्षित निकासी, चिकित्सा सहायता और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की वास्तविक क्षमता परखने का अभ्यास होगी। इसके जरिए विमान दुर्घटना जैसी गंभीर स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की तत्परता का आकलन किया जाएगा।

Pratahkal Bureau
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