अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर की लगभग 170 साल पुरानी ऐतिहासिक घोड़ा-गाड़ी परंपरा को खत्म करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ने शहर में इन पारंपरिक घोड़ा-गाड़ियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने वाले एक नए कानून को अपनी मंजूरी दे दी है। इस संबंध में हुई वोटिंग के दौरान काउंसिल ने 40 के मुकाबले 7 के भारी बहुमत से इस प्रस्ताव को पास किया, जिसे 'रोमांच लॉ' नाम दिया गया है। हालांकि, इस फैसले के सामने आने के बाद घोड़ा-गाड़ी संचालकों और इससे जुड़े कारोबारियों ने कड़ा विरोध जताया है और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।

इस महत्वपूर्ण कानून का नामकरण एक दुखद हादसे के शिकार हुए 18 वर्षीय भारतीय किशोर रोमांच महाजन की याद में किया गया है। जानकारी के अनुसार, रोमांच महाजन अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क घूमने आए थे और गत 17 जून को सेंट्रल पार्क में उनके साथ यह दर्दनाक हादसा हुआ था। जब गाड़ीवान महाजन परिवार की तस्वीरें लेने के लिए वाहन से थोड़ा दूर गया, तो अचानक घोड़ा बेकाबू हो गया। इस अफरातफरी के दौरान रोमांच गाड़ी से नीचे गिर गए, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें गंभीर और जानलेवा चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही शहर में इन घोड़ा-गाड़ियों पर रोक लगाने की मांग जोर पकड़ रही थी।

प्रस्तावित कानून के प्रावधानों के अनुसार, आगामी 1 जून 2028 तक इस पूरे कारोबार को शहर से पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। इस कड़े कदम से न्यूयॉर्क की सड़कों और ऐतिहासिक सेंट्रल पार्क में सैलानियों के बीच लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रहे इस उद्योग का अंत हो जाएगा। इसके साथ ही, मेयर जोहरान ममदानी के नेतृत्व वाले सिटी प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वह इस व्यवसाय से जुड़े 150 से अधिक घोड़ा-गाड़ी चालकों और अन्य कर्मचारियों के पुनर्वास के लिए एक उचित ट्रांजिशन प्रोग्राम तैयार करे।

दूसरी ओर, इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सिटी काउंसिल द्वारा लाए गए इस प्रतिबंध के प्रस्ताव की तीखी आलोचना की है। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि घोड़ा-गाड़ियां न्यूयॉर्क शहर के समृद्ध इतिहास का एक अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। उन्होंने एक हादसे का हवाला देकर इस तरह की पुरानी परंपरा पर प्रतिबंध लगाने के औचित्य पर सवाल उठाया है। ट्रंप ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जब सेंट्रल पार्क या सड़कों पर आए दिन कार दुर्घटनाएं होती रहती हैं, तब प्रशासन कभी भी कारों के पार्क में प्रवेश पर रोक नहीं लगाता है, तो फिर सिर्फ इन गाड़ियों को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे इतिहास के एक खूबसूरत हिस्से का अंत बताया और कहा कि इसकी कमी हमेशा खलेगी।

इस प्रस्तावित प्रतिबंध को अब गंभीर कानूनी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। घोड़ा-गाड़ी के बिजनेस से जुड़े मालिकों और ड्राइवरों का प्रतिनिधित्व करने वाली ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने खुलकर घोषणा की है कि वे इस नए कानून के खिलाफ अदालत में जाकर स्टे ऑर्डर की मांग करेंगे। यूनियन का तर्क है कि यह नया बिल बिना किसी न्यायसंगत आधार के संचालकों को उनकी वैध संपत्ति के आर्थिक उपयोग के अधिकार से वंचित कर रहा है, जिससे इस मामले में आगे कानूनी रस्साकशी देखने को मिल सकती है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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