India-Israel Defense Cooperation : वैश्विक कूटनीति के पटल पर आज भारत और इजरायल के बीच के प्रगाढ़ संबंधों की एक बेहद भव्य और ऐतिहासिक तस्वीर उभर कर सामने आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर बुधवार शाम करीब 4:30 बजे इजरायल की धरती पर उतरे, जहाँ तेल अवीव हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं था। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने स्वयं हवाई अड्डे पर मौजूद रहकर पीएम मोदी की अगवानी की। विशेष कूटनीतिक शिष्टाचार (प्रोटोकॉल) को दरकिनार करते हुए, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने 'प्रिय मित्र' मोदी को गर्मजोशी से गले लगाया, जो दोनों देशों के बीच व्यक्तिगत और रणनीतिक तालमेल की गहराई को दर्शाता है।

गार्ड ऑफ ऑनर और द्विपक्षीय संबंधों की नई ऊर्जा :

हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) के माध्यम से इस स्वागत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि वह इस सत्कार से अत्यंत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में विश्वास जताया कि यह यात्रा द्विपक्षीय चर्चाओं को नई ऊंचाई प्रदान करेगी और भारत-इजरायल मित्रता को मजबूत करने वाले सार्थक परिणाम लेकर आएगी। प्रत्युत्तर में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी सम्मान व्यक्त करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, इजरायल में आपका स्वागत करना बड़े सम्मान की बात है।"

9 साल बाद ऐतिहासिक वापसी और भविष्य का एजेंडा :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जुलाई 2017 के बाद, यानी 9 साल के अंतराल पर यह उनकी दूसरी इजरायल यात्रा है। 26 फरवरी को होने वाली उच्च स्तरीय बैठकों का एजेंडा रक्षा, तकनीकी नवाचार और सामरिक सहयोग पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करेंगे।



पीएम मोदी के इजरायल दौरे के मुख्य पड़ाव :

  • डेलीगेशन स्तर की वार्ता : 26 फरवरी को दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा करेंगे।
  • राष्ट्रपति से भेंट : प्रधानमंत्री मोदी इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग के साथ रणनीतिक विषयों पर संवाद करेंगे।
  • क्षेत्रीय शांति पर चर्चा : मिडिल ईस्ट में मौजूदा तनाव के बीच भारत की भूमिका और द्विपक्षीय हितों का संरक्षण।



वैश्विक समीकरणों के बीच कूटनीतिक अहमियत :

प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे की टाइमिंग वैश्विक भू-राजनीति के लिहाज से बेहद नाजुक और अहम है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव चरम पर है और गाजा में युद्ध के बाद की छिटपुट झड़पें जारी हैं। ऐसे माहौल में भारत के प्रधानमंत्री का इजरायल पहुंचना दुनिया को एक बड़ा कूटनीतिक संदेश देता है। यह दौरा न केवल रक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएगा, बल्कि अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों के बीच एक विश्वसनीय मित्र और रणनीतिक साझेदार के रूप में दोनों देशों के संकल्प को और भी मजबूत करेगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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