कैसे हुई थी नेशनल चॉकलेट चिप डे की शुरुआत? जानिए इसकी बेहद दिलचस्प कहानी
नेशनल चॉकलेट चिप डे 15 मई को मनाया जाता है, जो 1937 में रूथ वेकफील्ड द्वारा किए गए उस ऐतिहासिक आविष्कार को समर्पित है जिसने बेकिंग इंडस्ट्री बदल दी। जानिए कैसे टोल हाउस इन में बनी पहली चॉकलेट चिप कुकी दुनिया की सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में शामिल हो गई।

चॉकलेट चिप्स से भरी कुकीज़ और डेज़र्ट
हर साल 15 मई को मनाया जाने वाला ‘नेशनल चॉकलेट चिप डे’ केवल एक फूड सेलिब्रेशन नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक आविष्कार की याद भी है जिसने दुनियाभर की बेकिंग संस्कृति को हमेशा के लिए बदल दिया। चॉकलेट चिप्स आज कुकीज़, पैनकेक्स, आइसक्रीम, मफिन्स और अनगिनत डेज़र्ट्स का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसकी शुरुआत एक साधारण प्रयोग से हुई थी जिसने इतिहास रच दिया।
साल 1937 में अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्थित व्हिटमैन के प्रसिद्ध ‘टोल हाउस इन’ में काम कर रहीं रूथ ग्रेव्स वेकफील्ड ने अनजाने में वह खोज कर डाली, जिसे आज पूरी दुनिया ‘चॉकलेट चिप’ के नाम से जानती है। रूथ अपने पति के साथ इस होटल की मालिक थीं और उस समय वह ‘बटर ड्रॉप डो’ नाम की कुकीज़ तैयार कर रही थीं। कुकीज़ बनाते समय उन्होंने नेस्ले की सेमी-स्वीट चॉकलेट बार के छोटे-छोटे टुकड़े आटे में मिला दिए। उन्हें उम्मीद थी कि चॉकलेट पूरी तरह पिघल जाएगी, लेकिन बेकिंग के बाद चॉकलेट के टुकड़े अपनी आकृति में बने रहे और हल्के नरम होकर कुकीज़ के भीतर अलग स्वाद पैदा करने लगे।
यही वह क्षण था जिसने दुनिया की पहली ‘चॉकलेट चिप कुकी’ को जन्म दिया। देखते ही देखते यह नई रेसिपी अमेरिका भर में लोकप्रिय हो गई और लोगों के बीच इसकी मांग तेजी से बढ़ने लगी। चॉकलेट और कुकीज़ का यह अनोखा मेल इतना पसंद किया गया कि यह बेकिंग इंडस्ट्री का स्थायी हिस्सा बन गया।
इस सफलता के बाद रूथ वेकफील्ड और नेस्ले के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। कंपनी ने अपनी चॉकलेट पैकेजिंग पर रूथ की रेसिपी प्रकाशित करनी शुरू कर दी। इसके बदले में रूथ को कथित तौर पर जीवनभर के लिए मुफ्त चॉकलेट मिलने लगी। चॉकलेट चिप कुकीज़ की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए नेस्ले ने बाद में विशेष रूप से बेकिंग के लिए तैयार ‘चॉकलेट मोर्सल्स’ यानी रेडीमेड चॉकलेट चिप्स का उत्पादन शुरू कर दिया, जिसने घरेलू और व्यावसायिक बेकिंग दोनों को नई दिशा दी।
आज चॉकलेट चिप्स केवल एक सामग्री नहीं, बल्कि आधुनिक डेज़र्ट संस्कृति की पहचान बन चुके हैं। लोग इस दिन को घर पर चॉकलेट चिप कुकीज़ बेक करके, पैनकेक्स और वॉफल्स में चॉकलेट चिप्स डालकर या डार्क, मिल्क और व्हाइट चॉकलेट वाले नए डेज़र्ट्स आजमाकर मनाते हैं। कई जगहों पर परिवार और दोस्त मिलकर मीठे व्यंजनों के साथ इस खास दिन का आनंद लेते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका में बनने वाली लगभग 25 प्रतिशत कुकीज़ चॉकलेट चिप कुकीज़ होती हैं। वहीं, इस ऐतिहासिक रेसिपी का मूल नाम ‘टोल हाउस चॉकलेट क्रंच कुकी’ था, जो समय के साथ बदलकर आज की प्रसिद्ध ‘चॉकलेट चिप कुकी’ बन गई। नेशनल चॉकलेट चिप डे इस बात का प्रतीक है कि कभी-कभी रसोई में किया गया एक छोटा प्रयोग भी पूरी दुनिया के स्वाद और खानपान की संस्कृति को नई पहचान दे सकता है। एक साधारण चॉकलेट के टुकड़े से शुरू हुई यह कहानी आज वैश्विक फूड इंडस्ट्री की सबसे मीठी विरासतों में गिनी जाती है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
