यूरोप से बरसेगा पैसा ; पियूष गोयल की बैठक के बाद भारत में क्या आएगी नौकरियों की बाढ़?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की लिकटेंस्टीन की ऐतिहासिक यात्रा ने भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते (TEPA) को नई गति दी है। 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख नौकरियों के लक्ष्य के साथ, गोयल ने लिकटेंस्टीन की कंपनियों को 'मेक इन इंडिया' का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। जानिए कैसे यह साझेदारी भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित होगी।

Piyush Goyal visit to Liechtenstein : भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की लिकटेंस्टीन की पहली आधिकारिक यात्रा ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। 7-8 जनवरी 2026 को आयोजित इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान गोयल ने लिकटेंस्टीन के शीर्ष नेतृत्व, जिसमें क्राउन प्रिंस अलोइस और प्रधानमंत्री ब्रिजिट हास शामिल हैं, के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुए 'भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते' (TEPA) के कार्यान्वयन के बाद किसी भारतीय कैबिनेट मंत्री की यह पहली यात्रा है। इस समझौते के तहत लिकटेंस्टीन सहित चार यूरोपीय देशों (EFTA) ने अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
पीयूष गोयल ने वादुज़ में व्यापारिक नेताओं के साथ आयोजित राउंडटेबल मीटिंग में स्पष्ट किया कि भारत अब केवल एक बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र है। उन्होंने लिकटेंस्टीन की कंपनियों, विशेष रूप से 'हिल्टी कॉर्पोरेशन' जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारत में अपने उत्पादन और अनुसंधान केंद्रों के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। चर्चा के केंद्र में 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के उद्देश्य रहे, जहाँ लिकटेंस्टीन की उन्नत इंजीनियरिंग क्षमता और भारत की विशाल युवा प्रतिभा व बाजार मांग के बीच तालमेल बिठाने पर सहमति बनी। गोयल ने विशेष रूप से क्लीन-टेक, ऊर्जा संक्रमण और कौशल विकास में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जो दोनों देशों के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
इस राजनयिक पहल का दूरगामी प्रभाव न केवल व्यापारिक आंकड़ों में बल्कि तकनीक हस्तांतरण और नवाचार के क्षेत्र में भी दिखेगा। पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से क्राउन प्रिंस अलोइस को फरवरी 2026 में नई दिल्ली में होने वाले 'इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट' के लिए निमंत्रण भी दिया। इस यात्रा के निष्कर्ष के रूप में दोनों देशों ने एक लचीली मूल्य श्रृंखला (Resilient Value Chain) और एक विश्वसनीय निवेश सेतु बनाने का संकल्प लिया है। जानकारों का मानना है कि ईएफटीए देशों के साथ यह समझौता भारत के लिए यूरोपीय बाजारों में बिना किसी सीमा शुल्क के प्रवेश का रास्ता साफ करेगा, जिससे कपड़ा, रत्न-आभूषण और हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को अभूतपूर्व लाभ मिलने की उम्मीद है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
