नई दिल्ली में सोमवार का दिन भारत-रूस संबंधों के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का विशेष सम्मान के साथ स्वागत किया। राजनयिक गलियारों में इसे दो देशों के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्तों को नए आयाम देने वाला पल बताया जा रहा है। स्वागत समारोह के बीच एक खास क्षण वह था, जिसने न केवल दोनों देशों की मित्रता का संदेश दिया, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक मंच पर उजागर किया, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को रूसी भाषा में अनूदित ‘भगवद् गीता’ की प्रति भेंट की।

भव्य स्वागत के बाद दोनों नेता औपचारिक चर्चाओं से पहले एक छोटे से सांस्कृतिक सत्र में शामिल हुए, जहां प्रधानमंत्री ने पुतिन को यह अनमोल ग्रंथ सौंपा। यह उपहार इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ‘गीता’ भारतीय दर्शन, कर्तव्य और नैतिकता का शाश्वत ग्रंथ है, जो सदियों से विश्वभर में अध्ययन का विषय रहा है। रूसी भाषा में इसकी प्रति उपहार स्वरूप देना भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों की मजबूती का प्रतीक माना गया।

इसके बाद हुए द्विपक्षीय वार्ता सत्र में सामरिक साझेदारी, ऊर्जा सहयोग, व्यापार विस्तार और तकनीकी विनिमय जैसे प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए और सहयोग की नई संभावनाओं पर सहमति जताई। बैठक में रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर भी विशेष जोर दिया गया, जिसमें संयुक्त उत्पादन और अनुसंधान को लेकर सकारात्मक संकेत मिले।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पुतिन के बीच यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब विश्व व्यवस्था तेजी से बदल रही है और वैश्विक मंच पर साझेदारियों की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। भारत और रूस दशकों पुराने भरोसे और सहयोग पर आधारित संबंध साझा करते हैं, जिन्हें दोनों राष्ट्र लगातार सुदृढ़ करने में लगे हैं।

समारोह के अंत में दोनों नेताओं ने आपसी विश्वास को दोहराते हुए भविष्य में और अधिक सक्रिय सहयोग की आशा व्यक्त की। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘गीता’ के उपहार ने न केवल बैठक के औपचारिक माहौल को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की, बल्कि यह भी दर्शाया कि भारत अपनी प्राचीन धरोहर को अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में सम्मानपूर्वक शामिल करने से पीछे नहीं हटता। यह बैठक आने वाले वर्षों में भारत-रूस संबंधों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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