India Energy Security Middle East Crisis : अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया को एक गंभीर ऊर्जा संकट (Energy Crisis) के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। मध्य पूर्व (Middle East) में बारूद की महक के बीच वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उछाल की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि भारत की 'एनर्जी सिक्योरिटी' पूरी तरह चाक-चौबंद है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, देश के पास ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए हर संभव वैकल्पिक इंतजाम कर लिए गए हैं।

आपूर्ति के नए रास्ते और कतर पर निर्भरता कम करने की रणनीति :

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है, जिसमें कतर से होने वाली 40 प्रतिशत एलएनजी (LNG) आपूर्ति शामिल है। वर्तमान में भारत कुल 195 MMSCMD गैस का आयात करता है, जिसमें से कतर का हिस्सा 60 MMSCMD है। इस निर्भरता को कम करने और किसी भी संभावित रुकावट से बचने के लिए भारत अब अन्य वैश्विक बाजारों की ओर रुख कर रहा है। सरकार ने खुलासा किया है कि कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भारत को गैस आपूर्ति का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, हाल ही में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका (US) के साथ नए ऊर्जा अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भविष्य में किसी भी कमी को पूरा करने में सहायक होंगे।

रणनीतिक भंडार और समीक्षा तंत्र :

ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पेट्रोलियम मंत्रालय दिन में दो बार स्थिति की समीक्षा कर रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत के पास आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की भूमिगत गुफाओं, रिफाइनरियों और अन्य स्टोरेज केंद्रों में इतना कच्चा तेल मौजूद है कि वह देश की 74 दिनों की घरेलू मांग को पूरा कर सकता है। वहीं, तत्काल जरूरतों के लिए रिफाइंड उत्पादों का भंडार करीब 25 दिनों तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में सक्षम है। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) और ओपेक (OPEC) देशों के संपर्क में है ताकि आपूर्ति की निरंतरता बनी रहे।

सुरक्षा और आधिकारिक पक्ष :

जहाजों के आवागमन और उनके बीमा (Insurance) को लेकर भी भारत सरकार सक्रियता बरत रही है। समुद्री मार्गों पर युद्ध के जोखिम को देखते हुए जहाजों के बीमा कवर के लिए अमेरिका के साथ उच्च स्तरीय बातचीत जारी है। भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पेट्रोलियम आयातक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक देश है। मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि मिडिल ईस्ट के तनाव के बावजूद भारत के पास न केवल कच्चे तेल, बल्कि पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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