मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर; ईरान के खिलाफ ट्रंप की बढ़ी सैन्य ताकत
ईरान में बढ़ते सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच पेंटागन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सैन्य, साइबर और मनोवैज्ञानिक अभियानों की जानकारी दी है। व्हाइट हाउस में उच्चस्तरीय बैठक के साथ अमेरिका ने कूटनीति को प्राथमिकता बताते हुए भी मजबूत सैन्य विकल्प खुले रखे हैं।

White House national security meeting Iran crisis : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्ते एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ पारंपरिक हवाई हमलों से कहीं आगे जाकर अपनाए जा सकने वाले सैन्य और गुप्त अभियानों की विस्तृत जानकारी दी गई है। इस खुलासे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
पेंटागन ने रखे बहुस्तरीय विकल्प :
CBS न्यूज़ के अनुसार, रक्षा विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पेंटागन ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के खिलाफ केवल हवाई हमलों और लंबी दूरी की मिसाइलों तक सीमित न रहते हुए साइबर ऑपरेशन और मनोवैज्ञानिक अभियानों जैसे विकल्पों की भी जानकारी दी है।
इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की कमान संरचना, संचार नेटवर्क और सरकारी मीडिया को बाधित करना बताया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे साइबर और मनोवैज्ञानिक ऑपरेशन पारंपरिक सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ या स्वतंत्र रूप से भी लागू किए जा सकते हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संभावित साइबर हमलों में ईरान की किन डिजिटल प्रणालियों को निशाना बनाया जा सकता है या मनोवैज्ञानिक अभियानों को किस तरह अंजाम दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी रेखांकित किया कि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और कूटनीतिक रास्ते खुले हुए हैं।
ईरान में तेज हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन :
ईरान में पिछले दो हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, देश के सभी 31 प्रांतों में फैले इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 544 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकांश मौतें गोली लगने या बेहद करीब से चलाई गई पेलेट गन के कारण हुई हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए बीते सप्ताह तेहरान में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई थीं।
11 जनवरी 2026 को ईरानी सरकारी मीडिया ने तेहरान के एक इलाके में मॉर्ग के बाहर रखे बड़ी संख्या में शवों का वीडियो प्रसारित किया। इसे प्रदर्शनकारियों के प्रति सहानुभूति दिखाने और हिंसा के लिए तथाकथित “रैडिकल एलिमेंट्स” को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अमेरिका की चेतावनी और व्हाइट हाउस बैठक :
राष्ट्रपति ट्रंप बीते कई हफ्तों से सार्वजनिक रूप से चेतावनी देते रहे हैं कि यदि ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर घातक कार्रवाई करते हैं, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है।
11 जनवरी 2026 को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा था कि ईरानी नेतृत्व बातचीत करना चाहता है, लेकिन अमेरिकी सेना “कुछ बहुत मजबूत विकल्पों” पर विचार कर रही है।
इसी क्रम में 13 जनवरी 2026 को ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम व्हाइट हाउस में एक अहम बैठक करने जा रही है, जिसमें ईरान से जुड़े नए विकल्पों पर चर्चा होगी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप स्वयं इस बैठक में शामिल होंगे या नहीं।
कूटनीति को प्राथमिकता, लेकिन सैन्य विकल्प खुले
12 जनवरी 2026 को व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति आवश्यकता पड़ने पर सैन्य विकल्पों के इस्तेमाल से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हवाई हमले कमांडर-इन-चीफ के पास मौजूद कई विकल्पों में से केवल एक हैं। लेविट ने यह भी जोर दिया कि कूटनीति हमेशा अमेरिका की पहली पसंद है, लेकिन ईरानी शासन के सार्वजनिक बयान और निजी संदेशों के बीच बड़ा अंतर देखा जा रहा है।
वैश्विक प्रभाव की ओर बढ़ता संकट :
ईरान में जारी आंतरिक अस्थिरता, मानवाधिकार हनन के आरोप और अमेरिका द्वारा विचार किए जा रहे बहुआयामी सैन्य विकल्प यह संकेत देते हैं कि आने वाले दिनों में यह संकट केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाल सकता है। व्हाइट हाउस और पेंटागन की रणनीतिक बैठकों पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
