पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मौलाना सलमान अज़हर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार उनकी मौत अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई हो सकती है। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए।

पाकिस्तान के बहावलपुर से एक बड़ी और रहस्यमयी खबर सामने आई है, जहां प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े बताए जा रहे वरिष्ठ कमांडर मौलाना सलमान अज़हर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना तब सामने आई जब स्थानीय सूत्रों ने दावा किया कि उनकी मौत एक अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई हो सकती है, हालांकि इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और न ही मौत के कारणों को स्पष्ट रूप से स्थापित किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, मौलाना सलमान अज़हर को जैश-ए-मोहम्मद के भीतर एक प्रभावशाली कमांडर के रूप में देखा जाता था और वह संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते थे। बताया जाता है कि वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारत-विरोधी भड़काऊ भाषणों और संगठनात्मक गतिविधियों से भी जुड़े रहे थे। जैश-ए-मोहम्मद, जिसे मसूद अज़हर द्वारा स्थापित बताया जाता है, लंबे समय से भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है, जिनमें वर्ष 2001 का संसद हमला और 2019 का पुलवामा आत्मघाती हमला शामिल हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, मौलाना सलमान अज़हर का अंतिम संस्कार 29 अप्रैल को शाम 4 बजे बहावलपुर स्थित मरकज़ सुब्हानअल्लाह में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जैश समर्थकों की उपस्थिति बताई जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की गतिविधियों पर भी नजरें टिकी हुई हैं।

इसी बीच, कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया जा रहा है कि लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक अन्य शीर्ष कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की हत्या भी 27 अप्रैल को अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई थी। बताया गया कि उन्हें खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में गोली मार दी गई, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना को भी योजनाबद्ध और पेशेवर तरीके से अंजाम दिए जाने की बात कही जा रही है, हालांकि इसकी भी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

इन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने पाकिस्तान में सक्रिय प्रतिबंधित संगठनों के भीतर संभावित आंतरिक बदलावों, संघर्षों या सुरक्षा कार्रवाइयों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से जुड़े नेताओं की संदिग्ध मौतें और हमले क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी जांच का विषय बने हुए हैं।

फिलहाल, पाकिस्तान सरकार या किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी की ओर से इन घटनाओं पर कोई स्पष्ट और आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे इन मामलों को लेकर रहस्य और अनिश्चितता और गहरी हो गई है। इन घटनाओं को दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इनका सीधा प्रभाव क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा ढांचे पर पड़ सकता है।

Updated On 30 April 2026 2:00 PM IST
Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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