बसरा के पास समुद्री ड्रोन्स का कहर, अमेरिकी तेल टैंकरों के परखच्चे उड़े ; 'Safesea Vishnu' पर भी हुआ हमला
फारस की खाड़ी में अमेरिकी कंपनियों से जुड़े तेल टैंकरों पर हुए हमलों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। बसरा के पास विस्फोट, समुद्री ड्रोन से हमले और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव के बीच तेल कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंच गईं।

सेफसी विष्णु' पर हमला
फारस की खाड़ी में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हाल ही में हुए एक हमले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। अमेरिकी कंपनियों से जुड़े तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने की घटना ने मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को और गहरा कर दिया है। इस हमले के बाद न केवल समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति पर भी इसका सीधा प्रभाव दिखाई देने लगा है।
टैंकरों पर हमला और समुद्र में मची अफरा-तफरी:
11 मार्च 2026 को इराक के बसरा बंदरगाह के पास उत्तरी फारस की खाड़ी में दो बड़े तेल टैंकरों में अचानक विस्फोट हो गया। इन टैंकरों में से एक सेफसी विष्णु नाम का जहाज था, जो अमेरिकी कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है। हमले के तुरंत बाद जहाजों में भीषण आग लग गई, जिससे समुद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले को अंजाम देने के लिए विस्फोटक से लैस नौकाओं या समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि जहाज के कुछ हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना में कम से कम एक चालक दल के सदस्य की मौत की पुष्टि हुई, जबकि कई अन्य नाविकों को बचाव टीमों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। हमले के समय दोनों टैंकरों में इराक से निकाला गया कच्चा तेल भरा हुआ था। अनुमान है कि जहाजों में लाखों बैरल तेल लदा हुआ था, जिससे यह घटना न केवल मानवीय बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी गंभीर बन गई।
संघर्ष की पृष्ठभूमि और हमलों का कारण:
विश्लेषकों के अनुसार, ये हमले मध्य पूर्व में चल रहे व्यापक तनाव से जुड़े हैं, जिसमें ईरान और अमेरिका-इजराइल गठबंधन के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्र में हालिया सैन्य कार्रवाइयों और जवाबी हमलों के बाद हालात और संवेदनशील हो गए हैं। ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि यदि उसके खिलाफ सैन्य दबाव जारी रहता है, तो वह हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल निर्यात को रोक सकता है। यही कारण है कि कई विशेषज्ञ इन हमलों को अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में ईरान की संभावित रणनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व:
इन घटनाओं का अधिकांश हिस्सा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास घटित हो रहा है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। इस संकरे समुद्री रास्ते से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। ऐसी स्थिति में यदि इस मार्ग पर सुरक्षा खतरे बढ़ते हैं, तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर पड़ना लगभग तय है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में होने वाली हर घटना पर वैश्विक स्तर पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
अन्य जहाज भी बने निशाना:
हाल के दिनों में केवल अमेरिकी कंपनियों से जुड़े टैंकर ही नहीं, बल्कि कई अन्य अंतरराष्ट्रीय जहाज भी हमलों का शिकार हुए हैं। इनमें शामिल हैं:
- जापानी कंटेनर जहाज ONE Majesty
- थाईलैंड का बल्क कैरियर Mayuree Naree
- मार्शल द्वीप से जुड़ा जहाज Star Gwyneth
इन जहाजों पर अलग-अलग तरीकों से हमला किया गया, जिनमें प्रोजेक्टाइल, समुद्री ड्रोन और विस्फोटक नौकाओं का इस्तेमाल शामिल बताया जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि समुद्री मार्गों पर सुरक्षा खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
इन हमलों का असर तुरंत वैश्विक बाजारों में दिखाई देने लगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ते हुए 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं। इसके अलावा, कई शिपिंग कंपनियों ने सुरक्षा कारणों से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मार्गों से दूरी बनानी शुरू कर दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई देशों ने अपने रणनीतिक तेल भंडार को उपयोग में लाने की संभावना पर विचार शुरू कर दिया है, ताकि यदि आपूर्ति बाधित होती है तो घरेलू बाजार को स्थिर रखा जा सके।
फारस की खाड़ी में हुए इन हमलों ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि मध्य पूर्व का कोई भी संघर्ष वैश्विक स्तर पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार तीनों ही इस संकट से सीधे प्रभावित हो सकते हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
