'मेक इन इंडिया' की ऊंची उड़ान! ट्रंप-मोदी डील पर NDA गदगद, कहा- भारत बनेगा ग्लोबल हब
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर एनडीए नेताओं का जोरदार समर्थन! ₹3.47 लाख करोड़ के बजट के बाद, 18% टैरिफ कटौती को 'मेक इन इंडिया' के लिए मील का पत्थर बताया गया। चिराग पासवान और गजेंद्र सिंह शेखावत ने विपक्ष के हंगामे को नकारा। जानें कैसे चीन और वियतनाम को पछाड़कर भारतीय कपड़ा और स्टार्टअप्स अमेरिकी बाजार पर करेंगे कब्जा। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

India-US Trade Deal : भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते ने भारतीय राजनीति और वैश्विक बाजार में एक नई हलचल पैदा कर दी है। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के शीर्ष नेताओं ने इस समझौते को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 'संजीवनी' करार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरगामी कूटनीति का परिणाम बताते हुए नेताओं ने एक सुर में कहा कि यह समझौता न केवल 'मेक इन इंडिया' पहल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि चीन और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले भारतीय निर्माताओं को एक अजेय बढ़त प्रदान करेगा।
टैरिफ में कटौती: वैश्विक बाजार में भारत का दबदबा
संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए भाजपा और सहयोगी दलों के नेताओं ने इस समझौते के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस चर्चा के केंद्र में रहा १८ प्रतिशत का वह टैरिफ, जिसे अब तक की सबसे बड़ी व्यापारिक रियायत माना जा रहा है।
प्रतिस्पर्धा में बढ़त: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने रेखांकित किया कि १८ प्रतिशत का टैरिफ चीन, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों की तुलना में काफी कम है। यह भारतीय निर्माताओं को अमेरिकी बाजार में सीधी और सस्ती पहुंच दिलाएगा।
विस्तारित बाजार: सांसद जगदंबिका पाल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि टैरिफ कटौती के इस कदम के बाद करीब ३९ देशों के साथ व्यापार के नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने इसे पीएम मोदी के "काम बोलने दो" के सिद्धांत की जीत बताया।
सेक्टरवार लाभ: भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव के अनुसार, इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ टेक्सटाइल (कपड़ा) जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को मिलेगा, जिससे सीधे तौर पर किसानों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
विपक्ष पर प्रहार और संसदीय मर्यादा :
जहाँ एक ओर सरकार इस समझौते की उपलब्धियां गिना रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष के हंगामे पर एनडीए नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
चिराग पासवान का रुख: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल हंगामा करना चाहता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष के पास देशहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए समय नहीं है?
सदन की गरिमा: सांसद अरुण गोविल और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी विपक्ष के रवैये को आधारहीन बताते हुए कहा कि बिना किसी ठोस आधार के कूटनीतिक फैसलों पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
सांसदों को पीएम का मंत्र :
एनडीए संसदीय दल की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सांसदों को व्यक्तित्व निखारने और परिश्रम करने का उपदेश दिया। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों को देश के विकास में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए प्रेरित किया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
