सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा, त्सुनामी झूला टूटा; बचाव के दौरान इंस्पेक्टर की मौत
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा हो गया। सुनामी झूला टूटने से 13 लोग घायल हुए, जबकि बचाव कार्य के दौरान पलवल में तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई। एक ही दिन में हुए दो हादसों ने मेला प्रशासन और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Faridabad Surajkund Mela : फरीदाबाद में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में शनिवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भीड़ से भरे परिसर में एक बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगा ‘सुनामी झूला’ अचानक टूटकर गिर गया, जिससे कई लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे में बचाव कार्य के दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई, जबकि कुल 13 लोगों के घायल होने की पुष्टि प्रशासन ने की है।
यह दुर्घटना शनिवार (7 फरवरी) को शाम करीब 6:15 बजे हुई, जब झूला चल रहा था और आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। झूला गिरते ही पूरे मेले में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव कार्य के दौरान पलवल में तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे प्रशासनिक महकमे को झकझोर कर रख दिया।
जिला उपायुक्त आयुष सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि सभी घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
एक ही दिन में दो हादसे, सुरक्षा पर सवाल :
शनिवार को सूरजकुंड मेले में यह दूसरा हादसा था। इससे पहले फूड कोर्ट क्षेत्र में तेज हवा के कारण एक गेट गिर गया था, जिसमें दो लोग घायल हुए थे। पहले हादसे में एक बच्चे को मामूली चोटें आई थीं, जबकि एक युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसे बाद में छुट्टी दे दी गई।
एक ही दिन में दो अलग-अलग हादसों के सामने आने से मेला समिति और आयोजकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे के समय मेले में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी चल रहे थे, जिससे भीड़ और अधिक बढ़ गई थी।
प्रशासन और पुलिस की कारवाई :
हादसे के तुरंत बाद पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर दी गई। जिला उपायुक्त, एमडी टूरिज्म और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
प्रशासन की ओर से राहत और बचाव के लिए कई टीमें तैनात की गईं। झूले के नीचे दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए गए और आम लोगों को घटनास्थल से दूर रहने के निर्देश दिए गए।
पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आयोजकों और ठेकेदारों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा न केवल एक जान के नुकसान का कारण बना, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच लोकप्रिय सूरजकुंड मेले की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल छोड़ गया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
